Bihar Police: बिहार के बेगुसराय से मर्डर का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बिहार के बेगुसराय सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को मंगलवार को उस समय आश्चर्य हुआ जब उन्हें स्थानीय पुलिस द्वारा भेजा गया एक सुअर का शव मिला। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कपसिया चौक के पास प्लास्टिक बैग में भरा एक शव मिला है। पुलिस ने मानव शव होने की आशंका पर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, एक सुअर के शव की अप्रत्याशित खोज ने पुलिस को शर्मिंदा कर दिया।
बिहार पुलिस की ऐसी लापरवाही कि बन गए मजाक का पात्र
जानें क्या है पूरा मामला
बेगुसराय में पुलिस को शहर के बाहर एनएच-31 के पास एक शव बरामद होने की खबर मिली। ये भी पता चला कि शन एक बोरे में बंद है। लोगों ने बताया कि शव कुछ दिन पुराना हो सकता है क्योंकि उसके पास से जबरदस्त बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को बोरे समेत सरकारी गाड़ी में डाला और जिला अस्पताल ले गए। मगर शव किसकी है ये जानने के लिये न तो पुलिस ने बोरा खोलकर उसका चेहरा देखा, न सामान तलाशा और न ही सुराग की तलाश में उसके कपड़े जांचे, बल्कि सीधा लाश को पोस्टमॉर्टम के लिये मॉर्चुरी भेज दिया।
बता दें, अस्पताल के डॉक्टर और पुलिस दोनों शव के पोस्टमॉर्टम के लिए जब मॉर्चुरी पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। सहायक ने जब बोरा खोला तो उसमें इंसान की नहीं बल्कि एक सुअर की बॉडी थी। जिसपर पुलिसवालों ने कहा कि अबे ये तो सुअर है...। जिसके बाद मॉर्चुरी में मौजूद पुलिसवालों और डॉक्टरों की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई, क्योंकि सचमुच बोरे में बंद लाश किसी इंसान की नहीं बल्कि एक सुअर की थी।
पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुअर की लाश देख कर पुलिसवालों पर बुरी तरह भड़क गये। इस लापरवाही पर अपनी सफाई में कहने के लिये खुद पुलिसवालों के पास कुछ नहीं था। जिसके बाद मीडिया के सवालों पर नगर थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने शर्माते हुए बताया कि यह गलती किस वजह से हुई इसकी जांच की जा रही है। पुलिस क्यों गुमराह हुई ये सवाल तो है ही, मगर सुअर का मर्डर किसने किया लोग अब ये सवाल भी पुलिस से ही पूछ रहे हैं। जाहिर है सुअर के पोस्टमॉर्टम की खबर फैलने के बाद इलाके के लोग और दूसरे थानों में तैनात पुलिसवाले भी बेगुसराय के नगर थाने की पुलिस का माखौल उड़ा रहे हैं। हर कोई चर्चा कर रहा है कि आखिर बिना समझे बोरे में बंद सुअर के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की क्या जरूरत आन पडी थी?
