रेप केस मामले में गांधीनगर सेशन्स कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, सोमवार को गांधीनगर सेशन्स कोर्ट ने आशाराम को दोषी करार दिया था, अन्य आरोपियों को इस मामले में निर्दोष करार दिया था गौर हो कि सूरत की महिला ने आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाया था। दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाया था जिसमे छोटी बहन के आरोप को नारायन साई को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है बड़ी बहन के आरोपी आशाराम को आज कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गांधीनगर सेशन्स कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
स्वयंभू बाबा आसाराम बापू सोमवार को महिला शिष्या के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहरा दिए गए थे। साल 2013 में दर्ज किए गए इस केस में गुजरात में गांधीनगर के एक कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया। लोक अभियोजक आर सी कोडेकर ने सोमवार को कहा था, 'कोर्ट ने अभियोजन के मामले को स्वीकार कर लिया है। आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (सी), 377 (अप्राकृतिक यौनाचार) और अवैध रूप से बंधक बनाने से जुड़ी धारा में दोषी ठहराया है।'
एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया था
पीड़ित के मुताबिक कई सालों तक आसाराम के अलग अलग आश्रमों में आसाराम के द्वारा उसका यौन शोषण किया गया था और उसे गैरकानूनी तरीके से बंधक भी बनाया गया था इस मामले की जांच अधिकारी दिव्या रविया को जांच के दौरान कई बार जांच के दौरान जान से मारने की धमकी भी मिली थी, इस मामले ने 68 लोगों के बयान लिए गए इस मामले में 8 आरोपी थे जिसमें से एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया था।
2013 में दर्ज हुआ था यह मामला
आसाराम को वर्चुअल कोर्ट में पेश किया गया 9 साल के ट्रायल के बाद आया फैसलाआसाराम इस वक्त जोधपुर की जेल में बंद है उसे जोधपुर कोर्ट के जरिये आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आसाराम की पत्नी समेत छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। एफआईआर के मुताबिक, आसाराम ने वर्ष 2001 से 2006 के बीच महिला से कई बार रेप किया था।
