'जिसने दिया दर्द उसी ने दी दवा', वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 में ऐसे जीता भारत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 19, 2022, 05:30 AM IST

Bhuvnehwar Kumar & Ravi Bishnoi: भारतीय क्रिकेट टीम के दो खिलाड़ियों ने दो अहम खिलाड़ियों के कैच दूसरे टी20 में टपकाए। लेकिन इन्हीं खिलाड़ियों की जोड़ी ने 19वें ओवर में एक खिलाड़ी को आउट कर अपने पापों का प्रायश्चित कर लिया यानी जिसने दर्ज दिया उसी ने दी दवा। 

'जिसने दिया दर्द उसी ने दी दवा', वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 में ऐसे जीता भारत
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कोलकाता: भारत ने वेस्टइंडीज को शुक्रवार को खेले गए सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले में 8 रन के करीबी अंतर से मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। मैच बेहद रोमांचक रहा हार जीत का फैसला आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर हुआ। भारत ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए कैरेबियाई टीम के सामने जीत के लिए 187 रन का लक्ष्य रखा था। लेकिन वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 1798 रन बना सकी और भारतीय टीम ने 8 रन के अंतर से मुकाबला जीत लिया। 

10वें ओवर में बिश्नोई ने छोड़ा पूरन का कैच, भुवी ने पॉवेल को दिया जीवनदान
भारतीय टीम की फील्डिंग मैच में बेहद खराब रही। भारतीय फील्डर्स ने मैच में दो अहम कैच छोड़े। एक कैच रवि बिश्नोई ने फॉर्म में चल रहे निकोलस पूरन का कैच 10वें ओवर की पहली गेंद पर छोड़ा। उस वक्त पूरन 12 गेंद में 21 रन बनाकर पिच पर मौजूद थे। वहीं भुवनेश्वर कुमार ने 16वें ओवर की पांचवीं गेंद पर रोवमैन पॉवेल का कैच टपका दिया। उस वक्त पॉवेल 38 रन 22 गेंद में बनाकर खेल रहे थे। ऐसे में भारतीय टीम मुश्किल में आ गई थी। दोनों की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की वजह से मैच हाथ से फिसलता दिखा। 

19वें ओवर में जीत के लिए चाहिए थे 29 रन 
आखिरी 12 गेंदों में जीत के लिए कैरेबियाई टीम को 29 रन बनाने थे। ऐसे में टीम इंडिया का दर्द भी उन्हीं खिलाड़ियों ने दूर किया जिन्होंने उन्हें दर्ज दिया था। 18 ओवर में वेस्टइंडीज ने 2 विकेट के नुकसान पर 158 रन बना लिए थे। पूरन 39 गेंद में 62 और रोवमैन पॉवेल 29 गेंद में 51 रन बनाकर खेल रहे थे। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा ने गेंदबाजी की जिम्मेदारी अनुभवी भुवनेश्वर कुमार के कंधों पर डाल दी।



भुवी की गेंद पर बिश्नोई ने लपका पूरन का शानदार कैच
भुवनेश्वर ने ओवर की शानदार शुरुआत की। पहली गेंद पर पॉवेल ने एक रन लिया लेकिन दूसरी गेंद पर भुवी ने पूरन को एक भी रन नहीं बनाने दिया। ऐसे में ऑफ स्टंप के बाहर आई फुल लेंथ की तीसरी गेंद पर करारा प्रहार करने की कोशिश की लेकिन गेंद ऊपर उठ गई। ऐसे में रवि बिश्नोई ने इस बार कैच लपकने के लिए अपनी जान की बाजी लगी दी और पूरन को वापस पवेलियन भेज दिया। पूरन ने 41 गेंद में 62 रन की धमाकेदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के जड़े। पूरन के आउट होते ही तीसरे विकेट के लिए उनके और पॉवेल के बीच हुई 60 गेंद में 100 रन की साझेदारी का अंत हो गया। 

अंतिम ओवर में विंडीज को थी जीत के लिए 25 रन की दरकार
पूरन के बाद बल्लेबाजी करने कप्तान किरोन पोलार्ड उतरे लेकिन 19वें ओवर की अंतिम तीन गेंदों पर पोलार्ड और पॉवेल केवल तीन रन ले सके। ऐसे में भुवी ने पारी के 19वें ओवर में केवल 4 रन दिए और 1 विकेट झटककर मैच का रुख पलट दिया। अंतिम 6 गेंदों में जीत के लिए वेस्टइंडीज को 25 रन बनाने का लक्ष्य मिला। 

लगातार दो छक्के जड़कर पॉवेल ने थाम दी थी धड़कनें
अंतिम ओवर में हर्षल पटेल ने सतर्कता से गेंदबाजी करते हुए पहली दो गेंदों में दो रन दिए। अंतिम 4 गेंदों में जब जीत के लिए 23 रन की दरकार थी तब पॉवेल ने लगातार दो छक्के जड़ दिए और विंडीज के सामने 2 गेंद पर 11 रन बनाने का लक्ष्य आ खड़ा हुआ लेकिन हर्षल ने पांचवीं गेंद पर पॉवेल को केवल एक रन लेने दिया और अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। ओवर की अंतिम गेंद पर पोलार्ड एक रन ले सके और भारत ने 8 रन मैच और सीरीज पर कब्जा कर लिया। 

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