भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाली इस रोड को कभी सड़क-ए-आजम कहा जाता था, जानें NH-1 कहां से दोनों देशों को जोड़ता है

पाकिस्तान की तरफ से नापाक आतंकी हरकतों की वजह से भले ही आज भारत और पाकिस्तान के बीच हालात युद्ध जैसे हों, लेकिन कभी दोनों देशों को एक ही धमनी जोड़ती थी। करीब 400 साल पहले शेर शाह सूरी ने इस धमनी को बनाया था, जिसका सामरिक और आर्थिक महत्व काफी ज्यादा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के इशारे पर हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर रिश्ते रसातल में चले गए हैं। दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि से लेकर शिमला समझौता तक रद्द हो चुका है। लेकिन कभी दोनों देश एक ही थे। 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजादी के साथ पाकिस्तान के रूप में एक नया देश उभरा, जबकि भारत तो पहले से ही मौजूद था। मौजूदा भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश कभी एक ही देश का हिस्सा थे और उस देश का नाम भारत या हिंदुस्तान था। इसी भारत में एक लंबी सड़क थी, जिसे कभी हिंदुस्तान पर राज करने वाले शेर शाह सूरी ने बनवाया था।

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शेर शाह सूरी ने बनवाई थी यह सड़क

करीब 400 साल पहले, जब आज जैसी मौजूदा सड़कें बनाने का किसी के दिमाग में खयाल भी नहीं आया था, तब शेर शाह सूरी ने इस लंबे मार्ग का निर्माण करवाया था। मध्यकालीन भारत के दूरदर्शी राजा ने उस समय दक्षिण एशिया के सबसे महत्वकांक्षी परियोजना की नींव रखी। शेर शाह सूरी ने 1540 से 1545 तक राज किया। उस समय शेर शाह सूरी ने पश्चिम में काबुल (आज अफगानिस्तान में) से पूर्व में बंगाल तक इस मार्ग का निर्माण करवाया था।

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