समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने अयोध्या दौरे को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब दे दिए हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि इटावा में केदारेश्वर शिव मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद वह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे।
अखिलेश यादव
कब अयोध्या जाएंगे अखिलेश
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के पलटवार में आई, जिसमें मुख्यमंत्री ने अखिलेश के अयोध्या न जाने का जिक्र किया था। अखिलेश यादव ने कहा, 'इटावा में केदारेश्वर शिव मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद मैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या जाऊंगा। लेकिन मुद्दा मेरे दौरे का नहीं है। वह (मुख्यमंत्री) बार-बार दावा करते रहे कि वह कई बार अयोध्या गए हैं,फिर भी उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां क्या हो रहा है। इससे 'चिराग तले अंधेरा'वाली कहावत सच साबित होती है।'
इस दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि अगर वहां घोटाला और गबन हो सकता है,तो तहसीलों,पुलिस थानों और दूसरी जगहों पर भ्रष्टाचार का स्तर क्या होगा,इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक दशक में केवल प्रयागराज में हुए विकास कार्यों का ऑडिट कराया जाए तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आएंगी।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान उन्होंने दावा किया कि भाजपा धर्म का इस्तेमाल आड़ के रूप में कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग चाहते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा हो,लेकिन सनातन धर्म की आड़ में पूरा कारोबार चलाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने रोजगार,भर्ती,आरक्षण और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। साथ ही राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी के मामले का भी उल्लेख किया।
'भाजपा की 'डिक्शनरी' में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म'
अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की 'डिक्शनरी' में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म। उनकी प्राथमिकता धर्म नहीं,बल्कि पैसा है। उनके लिए ’राष्ट्र प्रथम’नहीं, बल्कि 'चंदा प्रथम' है।
इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी का जिक्र करते हुए कहा कि आस्था के साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी की कल्पना कौन कर सकता था? सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि कितनी बार कैमरे बंद किए गए थे। अब और क्या कहने की जरूरत है? जिन लोगों ने दूसरों पर चोरी के झूठे आरोप लगाए, भगवान ने अब उनकी अपनी असली चोरी सबके सामने ला दी है। इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है? अयोध्या जैसी पवित्र जगह पर उन्होंने भगवान के नाम पर दिए गए चंदे की चोरी की है। सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि सीसीटीवी में 'सीसी' का मतलब अब 'चंदा चोरी' और 'चढ़ावा चोरी'हो गया है। अब गरीब महिलाएं अब पूछ रही हैं कि अगर उनके चढ़ावे की चोरी हो रही है, तो वे चढ़ावा क्यों दें?
2027 में बनेगी पीडीए की सरकार
इस दौरान उन्होंने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को न चंदा मिलेगा,न चढ़ावा और न वोट। 2027 में पीडीए (पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक) गठबंधन के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
संविधान बदलने का लगाया आरोप
इस दौरान उन्होंने भाजपा पर संविधान बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने भाजपा को हरा दिया। अब जो लोग हार गए हैं, वे संसद सदस्यों के जरिए वह हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी इजाजत जनता ने नहीं दी थी। देश संविधान बदलने की ऐसी साजिश को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
