West Bengal News: पश्चिम बंगाल के आसनसोल से एक पुल टूटने की खबर सामने आई है। आज कालाझरिया इलाके में दामोदर नदी पर बना एक लोहे का पुल ढह गया। इसी पुल से होकर लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (Public Health Engineering Department) की मुख्य पाइपलाइन गुजरती थी। जिससे शहर के चार ब्लॉकों के 52 गांवों तक पानी पहुंचता था। गनीमत की बात है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन इससे पानी की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
भाजपा विधायक ने इसे मानव निर्मित आपदा कहा
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने इसे "मानव निर्मित आपदा" करार देते हुए राज्य सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "मेरे विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी घटना घटी है। इस घटना में किसी की मृत्यु नहीं हुई। लेकिन इस पुल से PHE की पाइपलाइन गुजरती थी। जिसके जरिए PHE द्वारा 4 ब्लॉकों में पानी की आपूर्ति की जाती थी। यह पानी 52 गांवों में पहुंचाया जाता था। लेकिन आज पुल का अगला हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। अब इन 52 गांवों, 4 ब्लॉकों को पानी कैसे मिलेगा?
विधायक ने आरोप लगाया कि पुल की सही निगरानी और मरम्मत नहीं की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में हो रही रेत की तस्करी के कारण पुल के पिलर कमजोर हो गए थे। अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “यह जल संकट ममता बनर्जी सरकार की निष्क्रियता का नतीजा है। मुख्यमंत्री को पहले ही इसे देखना चाहिए था।”
