शिमला : हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है। राजधानी शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पिछले दो दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। शिमला नगर निगम के मेयर सुरेन्द्र चौहान ने बताया कि शहर की प्रमुख जलापूर्ति योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गुमा जलापूर्ति योजना पूरी तरह बंद हो चुकी है, जबकि पाइपलाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
शिमला में वॉटर सप्लाई बाधित (फोटो-@DobhalAnkush)
मेयर ने कहा कि कोटी ब्रांडी क्षेत्र से कल तक पानी की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है, जिससे विकास नगर सहित कुछ इलाकों में जलापूर्ति आंशिक रूप से बहाल हो सकेगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से शहर में एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हुई है, लेकिन कल रात तक लगभग 18 से 20 एमएलडी पानी का भंडारण करने का लक्ष्य है। दो पंप पहले ही चालू कर दिए गए हैं और एक पंप आज रात से काम करना शुरू कर देगा।
शिमला में इतने पानी की खपत
जानकारी के मुताबिक, शहर की दैनिक आवश्यकता करीब 45 एमएलडी पानी की है, लेकिन आपदा के चलते वर्तमान में सप्लाई क्षमता काफी कम हो गई है। मेयर चौहान ने कहा कि सबसे पहले अस्पतालों और अत्यावश्यक सेवाओं को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्थिति सामान्य होने तक पानी का उपयोग अत्यधिक सावधानी से और न्यूनतम मात्रा में करें।
मेयर ने बताया कि गुमा और गिरी स्रोतों पर पाइपलाइन टूटने और सोर्स में सिल्ट जमा होने से जलापूर्ति बाधित हुई है। प्रशासन प्रभावित पाइपलाइनों के लिए बायपास लाइन बिछाने और पंपिंग क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोग स्थिति को समझ रहे हैं और सहयोग कर रहे हैं। यह प्राकृतिक आपदा है, जिससे उबरने में कुछ समय लगेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार से पांच दिन से पानी नहीं आ रहा है। विभाग से बात करने पर जवाब मिलता है कि पानी के स्रोत में गाद भर गई है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 24 घंटे में कई क्षेत्रों में आंशिक जलापूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
