22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में Operation Sindoor के जरिए आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। जिसमें कई आतंकी मारे गए। भारत की इस कार्रवाई से बिलबिलाए पाकिस्तान ने तुरंत भारत पर हमला करने की कोशिश की, भारत ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला बोला। भारतीय सेनाओं के शौर्य को दिखाने के लिए वाराणसी के बुनकरों ने सिंदूर स्पेशल साड़ी तैयार की है।
बनारस में बनी ऑपरेशन सिंदूर स्पेशल साड़ी
बनारस के बुनकरों ने ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरणा लेकर स्पेशल बनारसी साड़ी बनाई है। इस साड़ी में भारतीय सेनाओं के शौर्य, सासह और पराक्रम को दिखाने वाली तस्वीरें उकेरी गई हैं। साड़ी में S-400 मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल, रफाल फाइटर जेट और अन्य हथियारों को प्रिंट किया गया है।
कारीगरोंं ने बनाई ऐसी 10-15 साड़ियां
इस साड़ी को बनाने वाले व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ऐसा सबक सिखाएंगे कि याद रखोगे। भारतीय सेना के शौर्य के दम पर पाकिस्तान एक रात में ही घुटनों पर आ गया। ऑपरेशन के दौरान ही इस तरह का कुछ काम करने का विचार आया था। उनका कहना है कि वह यह साड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करना चाहते हैं, फिर वह जिसे चाहे यह साड़ी दे दें।
इस दौरान व्यापारियों ने इच्छा जतायी कि अच्छा होगा विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी को तो यह साड़ी जरूर भेंट की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी इस तरह की 10-15 साड़ियां ही बनाई हैं। अगर डिमांड आती है तो फिर और ऐसी ही साड़ियां बनाई जाएंगी।
कारीगरों की चाहत विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी पहनें ये साड़ी
व्यापारियों ने कहा, आतंकवादियों ने पहलगाम में पुरुषों को गोली मारकर महिलाओं से कहा था कि जाकर मोदी को बता देना। भारत की तरफ से विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने आकर बताया कि तुम्हारे (पाकिस्तान के) साथ क्या किया है। मोदी जी ने इन दोनों को आगे करके पाकिस्तान को जो संदेश दिया, उसी से प्रेरित होकर यह साड़ी बनाई गई है।
हम चाहते हैं कि सेना की अधिकारियों को यह साड़ियां दी जाएं, ताकि उन्हें भी यह महसूस हो कि पूरा देश उनके साथ है। बात करें साड़ी की तो इसमें यह सिल्क की साड़ी है, जिस पर S-400, राफेल, आईएनएस विक्रांत, ब्रह्मोस मिसाइल के साथ ही थल सेना के सैनिकों को भी प्रिंट किया गया है।
