विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल होने के लिए तैयार सारनाथ, यूनेस्को की टीम ने किया दौरा

भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। यूनेस्को टीम ने सारनाथ की अलग-अलग जगहों धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और संग्रहालय का दौरा किया। अगर सब कुछ सही रहा तो सारनाथ उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बनेगा।

Sarnath UNESCO World Heritage: विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर वाराणसी के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि आने वाली है। दरअसल भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यूनेस्को से आई टीम सारनाथ के अलग-अलग जगहों पर गई, यहां की ऐतिहासिकता को जाना समझा और उसका अवलोकन किया। माना जा रहा है कि अगर सब ठीक रहा तो सारनाथ प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर बन जाएगा।

Sarnath

यूनेस्को की टीम ने किया सारनाथ का दौरा

यूनेस्को की टीम ने किया सारनाथ का दौरा

यूनेस्को ने साल 2025- 26 के लिए भारत से सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने ने लिए चुना है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसके लिए एक साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पांच सौ लेज की एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। I रिपोर्ट में धमेख स्तूप, धर्म राजिका स्तूप, चौखंडी स्तूप और संग्रहालय के रखरखाव का प्लान शामिल किया गया था। यूनेस्को के पुरातात्विक दल की अगुवाई कर रहे हबीब राजा सारनाथ पहुंचे और पुरातत्व संग्रहालय में रखे राष्ट्रीय चिन्ह सिंह चक्र, बोधिसत्व की आदमकद प्रतिमा, हिंदू गैलरी में शिव द्वारा अंधकासुर वध की विशाल प्रतिमा का अवलोकन किया। करीब 2 घंटे तक संग्रहालय में पूरा अवशेषों और व्याख्यान केंद्र में खुदाई में प्राप्त स्मारकों के संरक्षण की स्थिति का जायजा लिया।

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