Varanasi News: वाराणसी में आज यानी गुरुवार 10 जुलाई को रामानंदी संप्रदाय के प्राचीन पातालपुरी मठ में 151 मुस्लिमों ने गुरु दीक्षा ली, जो भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनकर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मठ पहुंचे।
151 मुस्लिमों ने ली दीक्षा
दीक्षा लेने वाले मुस्लिमों ने जगद्गुरु बालकदास महाराज से दीक्षा हासिल की, उन्होंने पहले महाराज की आरती उतारी और उन्हें सम्मानित किया। यह पहली बार नहीं है जब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने यहां आकर गुरु दीक्षा ली है; हर साल कुछ मुस्लिम इस परंपरा का हिस्सा बनते हैं।
यहां दीक्षा लेने वाले मुस्लिमों का मानना है कि गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके मार्ग पर चलना महत्वपूर्ण है। शहाबुद्दीन तिवारी का कहना है कि उनके पूर्वज रामपंथी थे और उनकी परंपरा नहीं बदली है। नाजनीन अंसारी, मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष बोलीं, राम के रास्ते पर चलकर विश्व में शांति लाई जा सकती है।
जगतगुरु बालकदास महाराज ने भी कहा कि साल वर्ष कुछ मुस्लिम गुरु दीक्षा लेते हैं और यह प्रक्रिया कट्टरता से मुक्त है। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से ही ज्ञान और शांति की प्राप्ति होती है। इस बार 151 मुस्लिमों की संख्या एक महत्वपूर्ण घटना है, जो इस परंपरा की गहराई को दर्शाती है।
