Varanasi News: वाराणसी में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ध्यान केंद्र स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार की बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर ट्रस्ट के अकाउंटेंट पर 55 लाख रुपए गबन का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने अकाउंटेंट और उसके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
स्वर्वेद महामंदिर (फाइल फोटो| ANI)
पुलिस ने अकाउंटेंट को किया गिरफ्तार
महामंदिर ट्रस्ट के सदस्य सुरेंद्र यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि संत कबीर नगर जिले का रहने वाला विवेक 12 सालों से सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के झूसी और गया में सहायक लेखाकार रहा है। वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर में वो फिलहाल कार्यरत है। विवेक ने 23 सितंबर को श्रद्धालुओं से मिले बीस हजार रुपए ट्रस्ट के अकाउंट में जमा करने के दौरान हेराफेरी की तो ट्रस्ट के सदस्यों को शक हुआ। छानबीन की गई तो पता चला विवेक ने बैंक में पैसे जमा ही नहीं किए। उसके पास से बैंक के कई महत्वपूर्व दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक विवेक का भाई बैंककर्मी है, उसी की मदद से घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था।
2023 में PM मोदी ने किया मंदिर का उद्घाटन
पुलिस से इस मामले में कार्रवाई करते हुए विवेक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका भाई अभिषेक फरार चल रहा है। विवेक ने साक्ष्य को छिपाने के लिए निजी और विभागीय मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर दिया। आपको बता दें 18 दिसंबर साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन किया था। यह मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र है। सात मंजिला ऊंचे इस मंदिर को बनाने में 20 साल लग गए। इस मंदिर में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु ध्यान और ज्ञान के लिए आते हैं। इस मंदिर में एक साथ बीस हजार लोग एक साथ बैठकर ध्यान कर सकते हैं।
