अमित शाह की घोषणा के बाद फिर चर्चा में वंदे मातरम, जानें क्या है Vande Mataram controversy

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता में वंदे मातरम संग्रहालय की घोषणा की। हाल में गीत की 150वीं जयंती और नए प्रोटोकॉल को लेकर काफी विवाद हुआ है। चलिए जानते हैं क्या था वो विवाद -

Vande Mataram controversy: केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह (Amit Shah) ने आज यानी शुक्रवार 10 अप्रैल को न्यूटाउन कोलकाता स्थित BJP कार्यालय में ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ का विषय उठाया। इस मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम वंदे मातरम की परिकल्पना के जरिए बंगाल की संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए एक ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ स्थापित करेंगे। ज्ञात हो कि हाल में वंदे मातरम पर विवाद काफी ज्यादा चर्चा का विषय रहा है। इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा तक हुई। चलिए जानते हैं वंदे मातरम विवाद क्या है?

Vande Mataram controversy

वंदे मातरम विवाद क्या था?

वंदे मातरम, भारत का राष्ट्रीय गीत है। यह गीत जितना पुराना है, उतना ही पुराना इस गीत का विवादों से नाता भी है। वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता देने और इस गीत के हालिया इस्तेमाल को लेकर खूब राजनीति हुई है। क्योंकि इस गीत को लिखने वाले बंकिंम चंद्र चटर्जी बंगाल से ही आते थे। हालिया विवाद की बात करें तो यह तब सामने आया, जब इस राष्ट्रीय गीत की 150वीं जयंती मनाने का फैसला किया गया। नवंबर 2025 में इसको लेकर पक्ष-विपक्ष में जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए। इस विवाद के एक तरफ केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और दूसरी तरफ कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सहित तमाम विपक्ष मौजूद रहा।

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