वैशाली : जिले में बड़ा नाव हादसा सामने आया है। हादसे में करीब 10 लोगों के डूबने की खबर है, जबकि कई लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान भी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं और राहत-बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू चला रही हैं।
बिहार के वैशाली में नाव हादसा
चश्मदीदों के मुताबिक, नाव तेरसिया दियारा क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर-10 के पास नाव बोल्डर से टकरा गई। टक्कर के बाद नाव अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते गंगा नदी की तेज धारा में डूब गई। नाव में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और कुछ लोग पानी में गिर गए। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। ताजा जानकारी के अनुसार 6 से 7 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। वैशाली के जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा खुद दलबल के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत एसडीआरएफ (SDRF) और गोताखोरों की टीम को रेस्क्यू में लगा दिया है। नदी के भीतर लापता लोगों को ढूंढने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बहरहाल प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता पानी में फंसे बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक अभी भी 2 से 3 लोग नदी की तेज धार में लापता हैं और पानी में फंसे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी पर निर्माणाधीन पुल इस हादसे का बड़ा कारण है। निर्माण कंपनी ने लोहे के बोल्डर इत्यादि नदी में छोड़ रखे हैं, जिससे नाव टकरा कर पलटी है। नाव सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई थी और उसे सरकारी नाविक संचालित कर रहा था।
