Uttarkashi Cloud Burst: पिछले 50 वर्षों में उत्तरकाशी में आई बड़ी आपदाएं, सैकड़ों की जान गई; करोड़ों का नुकसान

उत्तरकाशी की हर्षिल वैली में मंगलवार को बादल फटने से धराली में भारी नुकसान पहुंचा। बादल फटने के बाद आए फ्लैश फ्लड ने धराली कस्बे को निकल लिया। अभी तक इस आपदा में मृतकों की संख्या 4 बतायी गई है, लेकिन इसके बढ़ने की काफी आशंका है। सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। उत्तरकाशी का प्राकृतिक आपदाओं से पुराना नाता है। पिछले 50 साल की आपदाओं की लिस्ट यहां है-

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिला प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से हमेशा से ही काफी नाजुक है। कल यानी मंगलवार 6 अगस्त को जिले की हर्षिल वैली में बादल फटने से धराली कस्बे में हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। बादल फटने के बाद पानी, मिट्टी और बोल्डर के रूप में आया फ्लैश फ्लड तेज आवाज के साथ धराली की तरफ बढ़े और पलक झपकते ही इस कस्बे को बर्बाद कर दिया। यहां हर तरफ मलबा और मातम पसरा है। मौत की पुष्टि अभी 4 लोगों की हुई है, लेकिन सैकड़ों लोगों के अब तक लापता होने की बात कही जा रही है। जैसा कि हमने पहले ही कहा, उत्तरकाशी जिला प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से काफी नाजुक है। चलिए जानते हैं पिछले 50 वर्षों में उत्तरकाशी में आई प्राकृतिक आपदाओं का कैसा रहा है रिकॉर्ड -

Uttarakashi-50 years.

उत्तरकाशी में 50 वर्षों में आई कई आपदाएं

1978 की बाढ़

साल 1978 में उत्तरकाशी में बहने वाली भागीरथी नदी में भीषण बाढ़ आई। दरअसल यहां भागीरथी नदी के कैचमेंट एरिया में देबरानी के पास एक झील बन गई थी। इस झील के टूटन से भागीरथी नदी में भीषण बाढ़ का प्रकोप देखने को मिला। इस बाढ़ ने भागीरथी नदी की धारा के आसपान बसे गांवों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। इससे कई लोगों की जान चली गई और क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान पहुंचा था।

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