Uttarakhand Snowfall: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट बदल ली है। रविवार रात से ही चमोली जिले के ऊपरी इलाकों में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है। जिसके चलते पूरा बद्रीनाथ धाम परिसर सफेद बर्फ की मोटी चादर से ढक गया है। मंदिर के आसपास स्थित नीलकंठ पर्वत और नारायण पर्वत भी बर्फ से ढके हुए नजर आ रहे हैं। बर्फबारी के कारण तापमान भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। जिससे इलाके में एक बार फिर कड़ाके की ठंड महसूस हो रही है।
उत्तराखंड के चमोली में भारी बर्फबारी
बर्फबारी से लौटी ठंड
स्थानीय प्रशासन के अनुसार बर्फबारी के चलते क्षेत्र में ठंड का प्रभाव काफी बढ़ गया है। खराब मौसम के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में इससे पहले 28 जनवरी को केदारनाथ धाम में भी भारी बर्फबारी देखने को मिली थी। उस समय केदारनाथ मंदिर परिसर में करीब 3-4 फीट तक बर्फ की मोटी चादर जम गई थी। इस दौरान तापमान भी लुढ़ककर माइनस 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
खराब मौसम में भी सुरक्षा बलों की गश्त जारी
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बावजूद केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान कड़ाके की ठंड और खराब मौसम के बीच भी लगातार मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं। तेज बर्फीली हवाओं और दुर्गम रास्तों के बावजूद सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा बना हुआ है।
चारधाम यात्रा कब से होगी शुरू
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा की शुरुआत भी 19 अप्रैल से होने वाली है। 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने वाले हैं। इस साल अक्षय तृतीय के अवसर पर यात्रा की शुरुआत होगी। 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने वाले हैं। जिसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। वहीं 23 अप्रैल से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे।
