उधम सिंह नगर में रेलवे भूमि से अवैध मजार हटाई गई (फोटो- X)
दिया गया था कई बार नोटिस
प्रशासन के अनुसार, इस कार्रवाई से पहले मजार प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। Indian Railways के इज्जतनगर मंडल की ओर से 26 मई 2023 और 18 सितंबर 2025 को नोटिस देकर भूमि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन संबंधित पक्ष कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका और न ही अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद रेलवे ने 25 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन से सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी Nitin Bhadouria के निर्देश पर तड़के अभियान चलाया गया और “बेनी मजार” नाम से जानी जाने वाली इस अवैध संरचना को हटाया गया। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि हटाने के दौरान नीचे किसी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।
रेलवे की योजना में बन रही थी बाधा
अधिकारियों का कहना है कि यह मजार न केवल रेलवे की विस्तार योजनाओं में बाधा बन रही थी, बल्कि बरेली-नैनीताल राज्य मार्ग के चौड़ीकरण में भी अड़चन पैदा कर रही थी। ऐसे में इसे हटाना जरूरी हो गया था।
सैकड़ों अवैध संरचनाओं के खिलाफ एक्शन
राज्य में अवैध कब्जों के खिलाफ यह कार्रवाई कोई पहली नहीं है। अब तक Uttarakhand में 582 से अधिक अवैध संरचनाओं को सरकारी भूमि से हटाया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस सख्त रुख को दर्शाती है, जिसमें विकास कार्यों और सार्वजनिक परियोजनाओं में बाधा बनने वाले अवैध कब्जों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।
