Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के दूसरे चरण में प्रदेशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, अभियान के तहत आयोजित 198 शिविरों में 1.34 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया है। शिविरों के जरिए 20 हजार से ज्यादा शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया गया, जबकि 81 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
'जन जन की सरकार' के दूसरे चरण में 1.38 लाख से ज्यादा लोग हुए शामिल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने X पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अभियान के आंकड़े साझा किए। आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसेवाओं को आमजन के घर-द्वार तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।
198 शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंची जनता
अभियान के दूसरे चरण के दौरान राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए गए। सरकार के अनुसार, इन शिविरों में 1.34 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। लोगों की ओर से विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं और शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
सरकार ने दावा किया है कि शिविरों के जरिए 20 हजार से ज्यादा शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
81 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत सिर्फ शिकायतों के समाधान पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास भी किया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 81 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
सरकार के अनुसार, इस पहल का मकसद प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाना है। साथ ही योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को तेज करना है।
