लखनऊ : उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के तहत बुधवार को बेंगलुरु में एक विशेष इन्वेस्टर रोडशो आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किया। खासकर, यूपी को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस रोडशो के जरिए उद्योगपतियों और निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत किया और राज्य में नए निवेश को आमंत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को "ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पावरहाउस" के रूप में स्थापित करने की रणनीति और राज्य में उपलब्ध अवसरों को निवेशकों के सामने रखा
'बेंगलुरु इन्वेस्टर रोडशो के दौरान CM योगी (फोटो-@myogiadityanath)
रोडशो में बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं आईटी-सक्षम सेवाएं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) जैसे विषयों पर तीन विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में देश के प्रमुख उद्योगपति और कारोबारी नेता अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश अनुकूल नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और उभरते अवसरों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। सीएम योगी ने कहा यूपी में पिछले 9 वर्षों में ग्रोथ स्टोरी ने अचंभित किया है। उन्होंने कहा उससे पहले प्रदेश की धारणा क्राइम स्टेट की रूप में थी, जहां डेवलपमेंट को लेकर कोई बात नहीं होती थी और विकास की प्लान जीरो थी। प्रदेश बीमारी राज्य के तौर जाता था। यहां गवर्नेंस नाम की कोई चीज नहीं थी।
सीएम ने कहा, लेकिन आज हमने राज्य में वो सारी चीजें विकसित की हैं, जो आपको अन्य राज्यों में नहीं मिलेंगी। कहा ट्रांसपोर्टेशन, रेलवे, रोड और हवाई सेवाओं के साथ वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर है। भारत की पहली रैपिड रेल उत्तर प्रदेश के मेरठ से दिल्ली के बीच चल रही है। इतना ही नहीं यूपी सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य है। वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग विकसित कर प्रारंभ किया जा चुका है। योगी ने दावा किया कि यूपी के पास भारत का सबसे बड़ा 16 हजार किलोमीटर का रेलवे का नेटवर्क है। डेडिकेटेड कॉरिडोर ईस्टर्न-वेस्टर्न उपलब्ध है।
यूपी को बनाया इकॉनमी स्टेट
सीएम योगी ने कहा पिछले 9 साल के प्रयासों से यूपी बॉटम थ्री से उभरकर अब टॉप थ्री इकॉनमी वाले राज्यों में शामिल है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुणा बढ़ाया है। अब यूपी सभी सेक्टर्स में अपने इनवेस्टर्स पार्टनर को मजबूती से आमंत्रित करने के लिए तैयार है। हमारे पास 36 सेक्टोर्ल्स पॉलिसी के साथ एक व्यापक लैंड बैंक उपलब्ध करवाया है। हर एक्सप्रेसवे के किनारे यूपी के पास एक्सप्रेसवे से जुड़े हुए 27 इडस्ट्रियल लॉजिस्टिक लैंड बैंक उपलब्ध है। हम लोग सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल सिटी हम लोग बीडा के रूप में डेवलप कर रहे हैं। हमारे पास 5 इंटरनेशल एयरपोर्ट और 11 डोमेस्टिक एयरपोर्ट उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश प्रति वर्ष 2 लाख स्टैंप को साइंस इंजिनियरिंग और मैथमेटिक्स के ग्रैजुएट तैयार करता है। हमारे पास 2 आईआईटी, IIM लखनऊ, स्टेट गवर्नमेंट के पास तीन टेक्निकल यूनीवर्सिटी हैं। टेक्निकल कॉलेज का एक बढ़िया नेटवर्क यूपी के पास है।
यूपी के पास 96 लाख MSME का नेटवर्क
राज्य सरकार निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम और विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा स्किल पॉवर हाउस के रूप में यूपी ने अपनी पहचान बनाई है। लिहाजा, यूपी सरकार आपको इनवेस्टमेंट के लिए आमंत्रित करता हूं। उन्होंने निवेशकों से कहा विकसित भारत की परिकल्पना को आप उत्तर प्रदेश की धरती से धार दे सकते हैं। यहां आपके लिए मुफीद इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर दिया है। हर जनपद में मंडी विकसित है। हमारे पर 86% जमीन सिंचाई और पैदावार के लिए तैयार है। दावा किया कि 96 लाख MSME का नेटवर्क है, जो अलग-अलग सेक्टर के लिए काम कर रहे हैं।
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, पर्याप्त भूमि बैंक, कुशल मानव संसाधन और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के चलते राज्य निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को स्वीकार कर रही है।
