लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल गठजोड़ पर जुट गए हैं। जातीय समीकरण के साथ सीटों के बंटवारे की भी बातें उठने लगी हैं। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भी यूपी में अपनी दिलचस्पी दिखा रही है। पार्टी के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अन्य दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आए।
असदुद्दीन ओवैसी , AIMIM चीफ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य दलों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में BJP तीसरी बार सत्ता में आए। इसे रोकने के लिए हम गठबंधन के लिए तैयार हैं।
बिहार में लोकतंत्र की हत्या-ओवैसी
ओवैसी ने बिहार में AIMIM के पिछले अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पार्टी ने केवल छह सीटों की मांग की थी, जबकि उसके चार विधायक पार्टी छोड़कर चले गए थे। उन्होंने कहा कि जब शिवसेना में विभाजन हुआ तो इसे लोकतंत्र की हत्या बताया गया, लेकिन बिहार में AIMIM के साथ जो हुआ, उस पर किसी ने आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद AIMIM ने दोबारा चुनाव लड़ा और जनता ने पार्टी को समर्थन दिया। पार्टी ने बिहार में पांच विधानसभा सीटें जीतीं।
दरअसल, जून 2022 में बिहार में AIMIM के पांच में से चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए थे। इसके बाद RJD राज्य विधानसभा में फिर से सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी। ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर फैसला अब वहां के राजनीतिक दलों को करना है। उन्होंने कहा कि हम पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जब भी गठबंधन होगा।
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित है। इस चुनाव में विधानसभा की सभी 403 सीटों के लिए मतदान होना है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
AIMIM प्रमुख ने उन राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा जो चुनावी हार के लिए कभी ओवैसी की पार्टी के चुनाव लड़ने और कभी वोट चोरी को जिम्मेदार बताते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले कहता था कि AIMIM के चुनाव मैदान में होने की वजह से उसे हार मिली। वहीं, कई बार यही दल चुनाव में वोट चोरी का आरोप भी लगाते हैं। ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा, “यह दोनों बातें एक साथ कैसे संभव हैं? उन्हें स्पष्ट होना चाहिए।”
UCC को लेकर सरकार पर आरोप
ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में लागू की जा रही UCC का उद्देश्य भारत को “हिंदू राष्ट्र” में बदलना है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार भी UCC पर काम कर रही है, जबकि उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू या प्रस्तावित प्रावधान एक जैसे हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट का 'कट एंड पेस्ट' है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात में आदिवासियों को UCC से बाहर रखा गया है, क्योंकि उनकी धार्मिक और जीवनशैली संबंधी परंपराएं अलग हैं। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की स्थिति भी अलग है।
