मुजफ्फरनगर में 'दरिंदगी की फैक्ट्री' का खौफनाक सच; टॉर्चर से मरे बंधुआ मजदूर की लाश बोरे में भरकर फेंकी, SIT गठित

मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरों को यातनाएं देने वाली पेपर प्लेट फैक्ट्री में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि एक मजदूर की टॉर्चर से मौत के बाद शव को बैग में भरकर फेंका गया था। मुख्य आरोपी अब भी फरार है।

Muzaffarnagar Crime News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट निर्माण इकाई से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराए जाने के मामले में एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि कैद किए गए मजदूरों में से एक युवक की बर्बर यातनाओं के कारण मौत हो गई थी, जिसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को एक बोरे में बंद कर कहीं दूर फेंक दिया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार ने बृहस्पतिवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि इस नई कड़ियों के सामने आने के बाद फरार चल रहे मुख्य फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का एक और संगीन मामला दर्ज कर लिया गया है।

Muzaffarnagar Crime News

पेपर प्लेट फैक्ट्री में मजदूर की मौत के बाद शव को किया था गायब

टॉर्चर से हुई थी अर्जुन की मौत, शव बैग में पैक कर फेंका

SSP संजय कुमार के मुताबिक, मृत श्रमिक की पहचान अर्जुन के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि अर्जुन की कथित तौर पर नवंबर 2025 में ही फैक्ट्री परिसर के भीतर बेरहमी से दी जा रही यातनाओं के कारण मौत हो गई थी। जब अर्जुन ने दम तोड़ दिया, तो कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने उसके शव को एक बड़े बैग में पैक किया और ठिकाने लगा दिया। इस घृणित खुलासे के बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने सुपरवाइजर शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अंकित बालियान अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों को लगाया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन कर दिया गया है।

End of Feed