यूपी में आज का मौसम (27 Mar 2026): उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए आने वाले कुछ दिन किसी पहेली से कम नहीं होंगे। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे पारे ने जहां लोगों को पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए थे, वहीं अब दो नए पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता ने फिजाओं में फिर से ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान की ओर से आ रहा यह विक्षोभ पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में दाखिल हो रहा है। इसके असर से न केवल तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, बल्कि 29 मार्च के बाद से पूरे प्रदेश में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। जहां प्रयागराज जैसे शहरों में पारा 36 डिग्री के पार जा चुका था, वहीं अब होने वाली यह बूंदाबांदी लोगों को तपिश से बड़ी राहत देगी।
पहाड़ों की हलचल और यूपी की सिहरन
इस मौसमी उथल-पुथल का सीधा तार उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों से जुड़ा है। वहां हो रही लगातार बर्फबारी और बारिश का असर मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के रूप में महसूस किया जा रहा है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में सुबह और शाम के वक्त होने वाली सिहरन इसी का नतीजा है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे दिल्ली से सटे इलाकों में भी हल्के बादलों और बूंदाबांदी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है, जिससे मार्च के अंत में भी लोगों को पंखे और एसी चलाने से पहले एक बार फिर सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों की चिंता
हालांकि, यह खुशनुमा मौसम हर किसी के लिए सुकून लेकर नहीं आया है। खेतों में खड़ी रबी की फसलों, खासकर गेहूं, सरसों और चने के लिए यह बारिश और तेज हवाएं किसी आफत से कम नहीं हैं। कटाई के मुहाने पर खड़ी गेहूं की फसल अगर तेज हवा के कारण गिर जाती है, तो पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा आम के बौर और सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी ओलावृष्टि की आशंका से सहमे हुए हैं। सरकार ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी पकी हुई फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। जो किसान इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आते हैं, उनके लिए फसल बीमा योजना के तहत क्लेम करने की राहत भरी खबर भी सामने आई है।
IMD का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए लोगों को बिजली कड़कने और आंधी के दौरान सावधान रहने की अपील की है। वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे पूर्वी जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर तक जा सकती है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे या जर्जर इमारतों के पास रहने से बचने की सलाह दी गई है। मार्च का यह आखिरी सप्ताह उत्तर प्रदेश के लिए कभी धूप तो कभी छांव का एक दिलचस्प लेकिन चुनौतीपूर्ण सफर होने वाला है।
