Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राजस्व परिषद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। मुख्य सचिव की हाल ही में हुई बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि योजना के डिजिटलीकरण के बाद इसका संचालन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। इससे किसान परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में घर बैठे ही मुआवजा प्राप्त करने में सुविधा होगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि डिजिटलीकरण से योजना का संचालन और समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी होगा। वर्तमान में, दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन योजना के तहत स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की समय सीमा फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो: एएनआई)
आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर
योजना का डिजिटलीकरण करने के लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस नए पोर्टल के माध्यम से योजना के आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और लाभ वितरण की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी। इससे पहले आवेदन तो ऑनलाइन किए जा सकते थे, लेकिन सत्यापन और अन्य कार्य भौतिक रूप से होते थे, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि योजना के ऑनलाइन होने के बाद किसान परिवारों को तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। पोर्टल के अपडेशन का कार्य वर्तमान में जारी है और इसे फरवरी 2026 तक पूरी तरह लागू कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत की थी।
किसान परिवारों के लिए सुरक्षा कवच
राजस्व परिषद की मण्डलवार रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। मण्डलवार आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज्यादा आवेदन लखनऊ मण्डल में 3,569, गोरखपुर मण्डल में 3,143, जबकि अयोध्या और कानपुर मण्डल में क्रमशः 2,491 और 2,436 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा कवच प्रदान करती है। इसके तहत दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। राजस्व परिषद की यह डिजिटल पहल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटलीकरण के बाद किसान घर बैठे आवेदन कर सकेंगे, आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और लाभ राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव से समय की बचत और योजना के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
