मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है। औद्योगिक माहौल में सामंजस्य स्थापित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नोएडा में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न संबंधित पक्षों से संवाद कर समाधान तलाशेगी।
नोएडा में औद्योगिक असामंजस्य दूर करने के लिए गठित की गई समिति (फोटो: ANI)
औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे अध्यक्षता
इस समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे, जबकि अपर मुख्य सचिव (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) और प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) को सदस्य बनाया गया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित एक अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनको किया गया समिति में शामिल
समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह टीम गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इसके साथ ही, नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के बीच इस मामले को लेकर अफवाहें फैलाने के आरोप में दो 'सोशल मीडिया हैंडल' के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही शुरू की गयी है। पुलिस के बयान में कहा गया, ''गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों और लोगों को भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।'' पुलिस ने बताया कि इस मामले में अफवाह फैलाने के आरोप में ’एक्स’ के दो हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है।
पुलिस ने कहा कि नोएडा में कथित रूप से बाहरी तत्वों द्वारा भड़काये जाने पर कई स्थानों पर प्रदर्शन और एक जगह पर हिंसा हुई, जिसे न्यूनतम बल का उपयोग करके काबू में कर लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान कोई गोलीबारी नहीं की गई है और जनता से आग्रह किया कि वे गलत जानकारी न फैलाएं। पुलिस का यह बयान नोएडा में कई स्थानों पर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों द्वारा शुरू किये गये हिंसक आंदोलन के बीच आया है। पुलिस ने जनता से एक बार फिर अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली जानकारी साझा करने से बचें और शांति बनाए रखे।
