UP News: उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध बिक्री के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे राज्य में बड़े स्तर पर छापेमारी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। यूपी में 12 मार्च से अब तक 4 हजार से अधिक जगहों पर कार्रवाई की गई है और 70 एफआईआर दर्ज की गई।
सांकेतिक फोटो
एक अधिकारी बयान के अनुसार, प्रवर्तन एजेंसियों ने यूपी में अब तक कुल 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की हैं। इस दौरान गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ 60 केस दर्ज किए गए हैं।
यूपी में गैस एजेंसियों की बढ़ी निगरानी
इस अभियान के तहत अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा 67 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने 4,108 एलपीजी वितरकों की निगरानी भी बढ़ा दी है। जिससे लोगों को उनके बुकिंग के अनुसार ही समय पर सिलेंडर मिल सके। अधिकारियों द्वारा स्टॉक की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और रिफिलिंग की उपलब्धता पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गैस की किल्लत रोकने के लिए यूपी सरकार अलर्ट
केंद्र सरकार द्वारा कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए कुल खपत का 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद निगरानी और भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की निगरानी करने के लिए लगातार फील्ड का दौरा कर रहे हैं, ताकि प्रदेश में कहीं भी गैस की कमी या अव्यवस्था न हो और आम लोगों को समय पर एलपीजी सिलेंडर मिलते रहें।
