UP News: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में मारपीट, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के 26 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने आरोपी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है, जो वह पहले ही काट चुका है। साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
26 साल पुराने मारपीट केस में आरोपी दोषी, 15 दिन की सजा (सांकेतिक फोटो)
2000 में आरोपी पर इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, यह मामला 9 अक्टूबर 2000 का है। उस समय कोतवाली नगर थाने में गोस्वामी नगर निवासी बृजेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 323 (मारपीट), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस ने 2001 में कोर्ट में दायर की चार्जशीट
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया था कि बृजेश ने उसके एक रिश्तेदार को बंदूक की नोक पर बंधक बनाया, उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 13 जुलाई 2001 को आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशी दाखिल की थी। इसके बाद मामला कई सालों तक अदालत में लंबित रहा।
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'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत एक्शन
पुलिस ने बताया कि इस केस की सुनवाई को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्राथमिकता दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एलामारन जी की निगरानी में जिला मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने 45 वर्षीय आरोपी बृजेश को दोषी ठहराया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने आरोपी को पहले से काटी गई 15 दिन की न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई। साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
