UPSC CSE 2025 Toppers Uttar Pradesh: "कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती", हम सब ने ये पंक्तियां अक्सर सुनी होंगी। लेकिन बेहद कम लोग इन पंक्तियों को वास्तविकता में उतार पाते हैं। यूपीएससी सीएसई 2025 फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद आज हम आपको यूपी के उन धुरंधरों से रूबरू करवाने जा रहे हैं जिन्होंने मुश्किल हालातों और कड़ी मेहनत से UPSC CSE 2025 में शानदार रैंक लाकर अपने परिजनों के साथ-साथ अपने शहर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
UPSC CSE 2025 में यूपी के उम्मीदवारों का जलवा
शामली की आस्था जैन ने हासिल किया नौवां रैंक
दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक आस्था जैन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में पहले भी सफलता हासिल की थी। यूपी के शामली जिले के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था को पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चुना जा चुका था। हालांकि, आस्था अपने लक्ष्य के प्रति बहुत प्रतिबद्ध हैं और उनका सपना आईएएस बनने का था। इसी जुनून ने उन्हें पुनः परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया और इस बार उन्होंने नौवीं रैंक हासिल की।
आस्था पहले भी यूपीएससी परीक्षा में दो बार सफल रह चुकी हैं, जब उन्होंने क्रमशः 131वीं और 186वीं रैंक हासिल की थी। फिलहाल वह हैदराबाद में आईपीएस प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनके पिता अजय जैन कांधला में एक परचून की दुकान चलाते हैं और बेटी की बड़ी उपलब्धि के बावजूद दुकान नहीं छोड़ी। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा हैं, जिसमें आस्था दूसरी संतान हैं। उनकी मां, ममता जैन के अनुसार, आस्था ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी लगातार की। उन्होंने मुख्यतः सेल्फ स्टडी की और कुछ समय के लिए दिल्ली में कोचिंग भी ली। आस्था के अनुसार, उनके बचपन से ही मां ने घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ सभी बच्चों को घर पर ही पढ़ाई का मार्गदर्शन दिया।
बुलंदशहर की नाबिया परवेज ने बढ़ाया परिवार का गौरव
बुलंदशहर के दरियापुर गांव की रहने वाली कपड़ा व्यवसायी परवेज की बेटी नाबिया परवेज ने यूपीएससी परीक्षा में 29वीं रैंक हासिल कर जिले और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। नाबिया का परिवार पिछले कई वर्षों से दिल्ली में निवास करता है। ग्रामीणों का कहना है कि नाबिया बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार रही हैं। उनके पिता परवेज कपड़ा व्यवसाय से जुड़े हैं और लंबे समय से मिंट रोड, दिल्ली में रहते हैं। नाबिया के पिता ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का बेहद महत्वपूर्ण दिन बताया।
मां ने संभाली परिवार की जिम्मेदारी बेटे ने किया नाम रोशन
सहारनपुर के राधवपुरम निवासी ऋषभ जैन ने यूपीएससी परीक्षा में 163वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह आईआरएस अधिकारी हैं और नागपुर में आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। 2023 में ऋषभ ने 377वीं रैंक प्राप्त की थी। उनके पिता का 2004 में निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी मां सुनीता जैन ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली।
संभल के देव डुडेजा ने पाई सफलता
परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत से सफलता पाई जा सकती है। यह साबित किया है संभल के चंदौसी के देव डुडेजा ने। चाय विक्रेता के बेटे देव ने यूपीएससी परीक्षा में एक बार फिर सफलता हासिल की और अपनी रैंक में सुधार किया। इससे पहले उन्होंने 327वीं रैंक प्राप्त की थी।
क्लर्क पिता की बेटी ने साकार किया सपना
मेरठ मेडिकल कॉलेज में क्लर्क के पद पर काम शुरू करते समय राकेश पंवार अक्सर अधिकारियों को देख कर सोचते थे कि काश उनके पास भी इतना पावर होता। बच्चे से लेकर घर में भी वे यही बात शेयर किया करते थे। शुक्रवार को यूपीएससी के रिजल्ट के साथ ही उनकी बेटी प्राची पंवार ने पिता के उस सपने को सच कर दिखाया। 59वीं रैंक हासिल कर प्राची अब आईएएस अधिकारी बनने जा रही हैं।
