आखिर क्यों जान गवां रहे बैगा आदिवासी बच्चे? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-MP सरकार को घेरा; पूछे बड़े सवाल

मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों को समय पर इलाज, टीकाकरण और पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाने से करीब 35 बच्चों के मौत का दावा किया जा रहा है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस करके जवाब मांगा है।

बालाघाट : जिले में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत, कुपोषण और खसरा-रूबेला के प्रकोप का के मामले पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस करके जवाब मांगा है। अजब लाल लिलहारे ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी जनहित याचिका में प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट वरुण ठाकुर पेश हुए।

Baiga Tribal Children

(सांकेतिक फोटो-Istock)

याचिका में दावा किया गया है कि बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों को समय पर इलाज, टीकाकरण और पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, इस स्थिति के कारण कई बच्चों की जान चली गई। याचिका में 35 बैगा बच्चों की मौत का दावा किया गया है। इन मौतों को खसरा-रूबेला के प्रकोप और गंभीर कुपोषण से जोड़ते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की गई है। इसमें केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश देने की मांग की गई है।

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