Monsoon 2026: मानसून को लेकर डरावनी भविष्यवाणी, क्या सूखे की चपेट में आएगा भारत? जानें किन इलाकों में होगी कितनी बारिश

Monsoon 2026 Prediction: स्काईमेट वेदर के अनुसार भारत में 2026 का मानसून कमजोर रह सकता है। कुल बारिश औसत की 94% रहने की उम्मीद है। जानें 'सुपर अल नीनो' का खेती और आपकी जेब पर क्या होगा असर।

Monsoon 2026: भारत के लिए साल 2026 की शुरुआत जितनी सुहानी रही है, आने वाले महीने उतने ही चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट वेदर' (Skymet Weather) ने इस साल के मानसून को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है, और इसके आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था व किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। स्काईमेट के मुताबिक, इस साल देश में 'सामान्य से कम' बारिश होने का अनुमान है।

Monsoon 2026 Prediction el nino

अगस्त-सितंबर में रूठ सकते हैं बादल

कैसा रहेगा 2026 का मानसून? आंकड़ों की जुबानी (Monsoon 2026 Forcast)

स्काईमेट ने मंगलवार को अपना पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल बारिश लंबी अवधि के औसत (LPA) का केवल 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) के मानकों के अनुसार, अगर बारिश LPA के 90 से 95 प्रतिशत के बीच रहती है, तो उसे 'सामान्य से कम' श्रेणी में रखा जाता है। भारत में मानसून के चार महीनों का औसत 868.6 मिलीमीटर (लगभग 87 सेमी) माना जाता है। स्काईमेट के अनुमान के अनुसार, इस साल देश में लगभग 817 मिलीमीटर बारिश ही होगी। इसमें ±5 प्रतिशत की एरर की गुंजाइश भी रखी गई है।

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