बिहार की राजधानी पटना में पुलिस सब-इंस्पेक्टर भरती परीक्षा और बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार को सुबह से भारी संख्या में छात्र एकत्रित होकर परीक्षा में धांधली की निष्पक्षता से जांच कराने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। जेपी गोलबंदर पर छात्रों को रोकने के लिए भारी संख्या पुलिस बल तैनात किया है। इस दौरान छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया है। हालांकि, नाराज अभ्यर्थी विधानसभा की ओर कूच कर गए हैं।
पटना में दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदर्शन
न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से नाराज छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। कई छात्र पटरियों को नुकसान पहुंचाकर ट्रेनों की आवाजाही को बाधित करने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। छात्रों के बढ़ते उग्र प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल कई छात्रों को हिरासत में लिया है। उधर, परीक्षाओं में निष्पक्ष जांच व दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर लगातार छात्र अड़े हुए हैं।
छात्रों का सीधा आरोप है कि 1799 दरोगा पदों के लिए हुई बहाली परीक्षा में धांधली हुई है। हालांकि इस पूरे मामले की तफ्तीश आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के पास है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा को अब तक निरस्त न किए जाने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब गड़बड़ी की जांच चल रही है, तो सबसे पहले परीक्षा रद्द कर नए सिरे से इसका आयोजन होना चाहिए।
आक्रोशित अभ्यर्थियों के निशाने पर 70वीं BPSC परीक्षा भी है, जिसमें वे बड़े स्तर पर गड़बड़ी का दावा कर रहे हैं। इसके अलावा BSSC परीक्षाओं के लंबे समय से अटके होने को लेकर भी प्रतियोगी छात्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि सरकार केवल जांच का भरोसा देकर पल्ला झाड़ रही है और युवाओं के भविष्य को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। इसी ढुलमुल रवैये से तंग आकर उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी 13 सूत्रीय मांगों पर मुहर नहीं लगती, उनका यह संग्राम थमेगा नहीं। अगर सरकार ने जल्द कोई बड़ा फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
