देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तर प्रदेश में भी एक के बाद एक एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पहले से ही गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो गया है और यह फरवरी 2026 में आम जनता के लिए खुल सकता है। अब यूपी में एक ऐसे एक्सप्रेसवे को बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी यूपी में नेपाल बॉर्डर तक आसान पहुंच देगा। चलिए जानते हैं इस बारे हमें -
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारियां शुरू
एक्सप्रेसवे का नाम
जिस एक्सप्रेसवे की बात हो रही है, उसका नाम शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे लगभग 700 किमी लंबा होगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR के लोगों की पूर्वी यूपी में नेपाल बॉर्डर तक पहुंच आसान हो जाएगी। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को लेकर ताजा अपडेट ये है कि इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट अपने बहुत ही अहम दौर में पहुंच गया है।
जमीन खरीद-फरोख्त पर रोक
अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण से पहले शामली जिले के कई क्षेत्रों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने एक स्पेशल लैंड एक्विजिशन ऑफिसर (LAO) को भी नियुक्त कर दिया है। LAO की जिम्मेदारी जमीन मालिकों की तरफ से आने वाली किसी भी तरह की आपत्ति को सुनना और सुलझाना है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से राज्य में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाते हुए सफर में लगने वाले समय की भी बचत होगी।
एक्सप्रेसवे की लागत
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शामली जिले को पूर्वी उत्तर प्रदेश में नेपाल बॉर्डर तक कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा। इस 6 लेन के एक्सप्रेसवे को लगभग 35000 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने की जिम्मेदारी NHAI की रुड़की यूनिट की होगी।
इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे यूपी के कम से कम 19 जिलों से होकर गुजरेगा, जिसमें पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों के साथ ही कुछ अन्य जिले भी शामिल होंगे। यहां टेबल में समझते हैं कि एक्सप्रेसवे किन-किन जिलों से होकर जाएगा
| क्षेत्र | जिले |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 1. बिजनौर |
| 2. अमरोहा | |
| 3. मुजफ्फरनगर | |
| 4. सहारनपुर | |
| 5. शामली | |
| सेंट्रल यूपी | 6 बदायूं |
| 7. शाहजहांपुर | |
| 8. हरदोई | |
| 9. सीतापुर | |
| 10. लखनऊ | |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 11. बहराइच |
| 12. बलरामपुर | |
| 13. सिद्धार्थनगर | |
| 14. संतकबीर नगर | |
| 15. गोरखपुर | |
| अन्य महत्वपूर्ण जिले | 16. रामपुर |
| 17. मुरादाबाद | |
| 18. बरेली | |
| 19. संभल |
इन एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की खास बात यह होगी कि यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से कनेक्टेड रहेगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ ही अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी यह प्रोजेक्ट कनेक्ट होगा। इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे फरवरी में खुलने जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा।
शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे का मैप
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट क्या होगी
शामली से गोरखपुर तक बनाए जाने वाले इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन का बनाया जाएगा, जिस पर गाड़ियां 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा मारेंगी। एक्सप्रेसवे बनने के बाद शामली से गोरखपुर पहुंचने में सिर्फ 15 घंटे का समय लगेगा। एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद लखनऊ और शामली के बीच सिर्फ 8 घंटे में सफर पूरा हो जाएगा।
कब तक तैयार हो जाएगा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य पूरा होने की डेडलाइन 2028-29 में रखी गई है। यानी अगले दो से तीन साल में आप इस एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मारते हुए नेपाल बॉर्डर तक जा पाएंगे।
FAQs
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह एक प्रस्तावित छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जो पश्चिमी यूपी के शामली जिले को पूर्वी यूपी होते हुए नेपाल सीमा के पास गोरखपुर से जोड़ेगा। इसका उद्देश्य यात्रा समय कम करना, ट्रैफिक जाम घटाना और प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की कुल लागत और मौजूदा स्थिति क्या है?
इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत लगभग 35000 करोड़ रुपये है। परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पूरी हो चुकी है और निर्माण शुरू करने से पहले जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
शामली जिले के कई इलाकों में भूमि लेन-देन पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट ने एक विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (LAO) की नियुक्ति की है, जो भूमि मालिकों की आपत्तियों का निपटारा करेंगे।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे किन-किन जिलों से होकर गुजरेगा?
पश्चिमी यूपी: शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा मध्य यूपी: बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ पूर्वी यूपी: बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर इसके अलावा यह रामपुर, मुरादाबाद, बरेली और संभल से भी होकर गुजरेगा।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे किन अन्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और इसका फायदा क्या होगा?
यह एक्सप्रेसवे गंगा, पूर्वांचल, लखनऊ-गोरखपुर, अंबाला–शामली और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यह यमुना, दिल्ली–मुंबई और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा, जिससे पूरे उत्तर भारत में तेज और सुगम यात्रा संभव होगी।
