Firoza Khatun-Dharmendra Singh Love Story : जेल की ऊंची दीवारें भी प्रेम पर पहरा नहीं लगा सकती हैं। इसी तरह कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई एक प्रेम कहानी चर्चा का विषय बन गई है। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके एक हिंदू कैदी को मुस्लिम महिला जेलर दिल दे बैठी। दुनिया की तमाम जाति, समाज और मजहब के बंधनों को तोड़कर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खा लीं। खास बात यह रही कि विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ और लड़की पक्ष की गैरमौजूदगी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्में निभाईं। यह अनोखी लव स्टोरी सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है।
जेलर फिरोजा खातून ने धर्मेंद्र सिंह से की शादी - (फोटो-Twitter)
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। रीवा निवासी फिरोजा खातून सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वहीं छतरपुर जिले के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह साल 2007 के एक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जेल में ड्यूटी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे यह पहचान प्रेम में बदल गई। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर रिहा हुआ था।
मंत्रोच्चार के साथ लिए 7 फेरे
हालांकि, दोनों ने परिवार और समाज के विरोध के बावजूद शादी करने का फैसला लिया। 5 मई को लवकुशनगर के एक मैरिज गार्डन में वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ विवाह संपन्न हुआ। खास बात यह रही कि फिरोजा खातून के परिवार का कोई सदस्य शादी में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लड़की पक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए कन्यादान की रस्म अदा की।
लोग इस रिश्ते को 'मोहब्बत का कोई मजहब नहीं होता' जैसे संदेश से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक बंधनों को तोड़ने वाली प्रेम कहानी बता रहे हैं। इस अनोखी शादी ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि प्यार धर्म, जाति और सामाजिक पहचान से ऊपर होता है। फिलहाल यह जोड़ा अपने नए जीवन की शुरुआत कर चुका है और उनकी प्रेम कहानी पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रही है।
