उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की जान चली गई। यहां क तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक फिसल गई और इस पर सवार युवक की चोट लगने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर नखासा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यूपी के संभल में दर्दनाक सड़क हादसा
जिस तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को टक्कर मारी उस पर आगे की तरफ समाजवादी पार्टी का झंडा लगा हुआ है, जबकि पीछे के शीशे पर सांसद लिखा हुआ है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। काले रंग की यह स्कॉर्पियो समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद जियाउर्रहमान बर्क के परिवार की बतायी जा रही है। बता दें कि हाल में हुए लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी ने राज्य की 80 में से 37 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी को 6 सीटों पर जीत मिली है।
एक्सीडेंट के समय संभल जिले के एचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव का निवासी 30 साल का गौरव चमरौआ गांव में रिश्तेदारी से देर रात लौट रहा था। गौरव अपनी बाइक पर सवार था और जैसे ही उसकी बाइक नखासा थाना क्षेत्र में देहपा गांव के पास संभल-हसनपुर मार्ग पर पहुंची, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में गौरव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस जोरदार टक्कर के बाद गौरव की बाइक स्कॉर्पियो के नीचे फंस गई, जिससे SUV का टायर भी फट गया। यही वजह है कि ड्राइवर कार को लेकर आगे भाग नहीं सका। हादसे की जानकारी मिलने पर आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने मौके से ही स्कॉर्पियो ड्राइवर मोहम्मद फहद को पकड़ लिया।
मृतक गौरव के पिता समरपाल की शिकायत पर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सपा का झंडा लगी स्कॉर्पियो सांसद जियाउर्रेहमान बर्क के परिवार की है और उनके परिवार के सदस्य के नाम पर ही रजिस्टर्ड है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय सपा सांसद गाड़ी में मौजूद नहीं थे।
सीओ असमोली संतोष सिंह ने भी स्वीकार किया जिस स्कॉर्पियो से हादसा हुआ, उस पर सांसद लिखा हुआ था और हादसे के वक्त उसमें ड्राइवर के अलावा गनर और एक अन्य युवक सवार था। यह लोग सांसद जियाउर्रेहमान बर्क को गजरौला में सामान देकर लौट रहे थे।
