पत्नी ने छोड़ा, गांव वालों ने पागल समझा फिर भी चुम्बरू तामसोय ने नहीं मानी हार, खोद डाली बड़ी तालाब

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  • Updated Mar 26, 2023, 10:58 PM IST

चुम्बरू की अपनी खेती और बागवानी की जरूरतों के लिए छोटा तालाब तो वर्षों पहले बन गया था, लेकिन उन्होंने अपना अभियान किसी रोज थमने नहीं दिया। तालाब का व्यास और उसकी गहराई बढ़ाने के लिए हर रोज इंच-इंच खुदाई जारी रही और कुछ साल पहले इसका आकार सौ गुणा सौ फीट हो गया।

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के कुमरिता गांव में रहने वाले चुम्बरू तामसोय ने अकेले दम पर 100 गुणा 100 फीट वाला 20 फीट गहरा तालाब खोद डाला। न कभी सरकारी मदद की चाहत रखी और न किसी और से सहायता मांगी। उनके बनाए तालाब से पूरे गांव के पानी की जरूरतें पूरी होती हैं।

Chumburu Tamsoy

सारी उम्र चुम्बरू तामसोय ने तालाब की खुदाई में लगा दी

सारी उम्र खपा दी

72 साल के चुम्बरू तामसोय ने अपनी पूरी उम्र इस तालाब की खुदाई और उसके विस्तार में खपा दी। उम्र के थपेड़ों ने उन्हें शारीरिक तौर पर कमजोर जरूर कर दिया है, लेकिन उन्होंने पानी बचाने और हरियाली फैलाने के अपने जुनून और हौसले में कोई कमी नहीं आने दी। चुम्बरू तामसोय के जिद-जुनून का यह सफर तकरीबन 45 साल पहले शुरू हुआ। वह 1975 का साल था। इलाके में सूखा पड़ा था। घर में दो वक्त के लिए अनाज तक का संकट था। तभी उत्तर प्रदेश से इस इलाके में आया एक ठेकेदार गांव के कई युवकों को मजदूरी के लिए अपने साथ रायबरेली ले गया। इनमें चुम्बरू तामसोय भी थे।

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