Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली तथा पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। राजधानी रांची में पिछले 8 दिनों से अभ्यर्थी मानसूनी बारिश के बावजूद सड़कों पर डटे हुए हैं और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और जांच की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर झारखंड की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और उसकी सहयोगी पार्टियों पर तीखा हमला बोला है।
8 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी
'2019 के बाद से हर परीक्षा में हावी रहा सॉल्व गैंग'
छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जब से वर्तमान गठबंधन सरकार सत्ता में आई है, तब से राज्य की हर एक परीक्षा साल्वर गैंग और पेपर लीक की भेंट चढ़ चुकी है। हम बार-बार आरोप लगाते रहे हैं कि झारखंड में नौकरियां बेची जा रही हैं। हालिया JPSC मामले के बाद छात्रों के सब्र का बांध टूट चुका है और वे सड़कों पर उतर आए हैं। मानसूनी बारिश के बीच युवा 8 दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
विरोधी दलों के 'दोहरे रवैये' पर उठाए सवाल
अमर बाउरी ने इस मुद्दे पर सत्ताधारी गठबंधन के घटक दलों, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की चुप्पी को दोहरा रवैया करार दिया। बाउरी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी नेता दिल्ली के जंतर-मंतर और NEET जैसे मुद्दों पर देश को गुमराह करने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब उनके ही सहयोगी राज्य (झारखंड) में लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, तो एक भी बयान सामने नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय सरकार उनके आंदोलन को कुचलने, विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देने और छात्रों के बीच फूट डालने की साजिश रच रही है।
CBI जांच की मांग और CM से इस्तीफे की अपील
भाजपा ने स्पष्ट किया कि छात्रों की प्रमुख मांगों को पूरा करने के लिए इस पूरे प्रकरण की तत्काल CBI से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। अमर कुमार बाउरी ने कहा कि जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर नैतिक आधार पर जवाबदेही तय की जाती है, उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी इन तमाम धांधलियों और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
