राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की बहिष्कार की अपील के बाद सियासत और तेज हो गई है। पार्टी ने दावा किया है कि केजरीवाल की अपील का असर अब अयोध्या से दिखने लगा है। आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि अयोध्या बार एसोसिएशन ने मामले के आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार करने के साथ-साथ उनका केस नहीं लड़ने का फैसला किया है।
अरविंद केजरीवाल।
केजरीवाल ने किया फैसले का स्वागत
अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या बार एसोसिएशन के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बार एसोसिएशन ने चढ़ावा चोरी के आरोपियों का बहिष्कार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपियों के साथ खड़ी है और उनमें से कुछ लोग सरकार का हिस्सा भी हैं। केजरीवाल ने कहा कि अब पूरे देश को ऐसे लोगों और उनके सहयोगियों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए।
बीते शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे केजरीवाल
इससे पहले बीते शुक्रवार को केजरीवाल अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए और मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों को दंड मिलने की प्रार्थना की। इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि यदि कानून अपना काम नहीं करता है तो समाज को आगे आकर ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि सरकार चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री भी इस मामले में बेबस हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों, उनके समर्थकों और सहयोगियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए।
आप प्रमुख ने यह भी कहा था कि जिन्होंने भगवान राम के नाम पर मिले चढ़ावे में कथित तौर पर गड़बड़ी की, वे राष्ट्रहित की रक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने इस पूरे मुद्दे को "धर्म युद्ध" बताते हुए लोगों से इसमें आगे आने और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
