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राजा रघुवंशी मर्डर: सोनम को ससुराल से मिले थे 16 लाख के गहने, कहां है ये जेवरात?

नीमून हत्याकांड मामले में राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने सोमवार को कहा कि मुख्य आरोपी सोनम को उनके परिवार ने विवाह के दौरान करीब 16 लाख रुपये के जेवरात तोहफे में दिए थे।

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राजा हत्याकांड - सोनम को दिए गए थे 16 लाख के जेवरात

इंदौर: हनीमून हत्याकांड मामले में राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने सोमवार को कहा कि मुख्य आरोपी सोनम को उनके परिवार ने विवाह के दौरान करीब 16 लाख रुपये के जेवरात तोहफे में दिए थे। मेघालय में हनीमून मनाने गये राजा रघुवंशी 23 मई को लापता हो गए थे और उनका क्षत-विक्षत शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई में दो जून को मिला था।

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने यह दावा मेघालय पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश के रतलाम से रविवार को अहम सबूत के तौर पर कुछ जेवरात, लैपटॉप और अन्य सामग्री बरामद किए जाने के अगले दिन किया।ये सामान हत्याकांड के सबूत छिपाने और मिटाने के आरोप में गिरफ्तार इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी शिलोम जेम्स की निशानदेही पर उसकी पत्नी के मायके से बरामद किया गया।

16 लाख के दिए सोने-चांदी के जेवरात

इस बरामदगी के अगले दिन विपिन इंदौर पुलिस की अपराध निरोधक शाखा के दफ्तर में दिखाई दिए जहां जांच के लिए मेघालय पुलिस के दल ने डेरा डाल रखा है। विपिन ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने मेघालय पुलिस को करीब 16 लाख रुपये मूल्य वाले सोने और चांदी के उन जेवरात की तस्वीरें सौंपी जो राजा और सोनम के विवाह के दौरान उनके परिवार ने अपनी बहू को भेंट में दिए थे।

राजा ने पहनी थी सोने की चेन और अंगूठी

राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने बताया कि मुझे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मेघालय पुलिस के दल ने मुझसे राजा और सोनम की शादी से जुड़े जेवरात की तस्वीरें मांगीं। फिलहाल मुझे नहीं पता है कि इनमें से कौन से जेवरात बरामद किए गए हैं। विपिन ने यह भी कहा कि मेघालय में हनीमून के लिए उनका भाई राजा सोने की चेन और अंगूठी पहनकर गया था।

महंगे जेवरात पहन कर हनीमून पर क्यों ?

उन्होंने बताया कि राजा ने हनीमून के लिए रवाना होने के दौरान हवाई अड्डे पर खिंचाईं तस्वीरें हमें भेजी थी। मेरी मां ने तस्वीरें देखकर राजा को फोन पर डांटा भी था कि वह महंगे जेवरात पहन कर हनीमून पर क्यों गया है? राजा ने मां को जवाब दिया था कि सोनम ने उसे हनीमून के दौरान ये जेवरात पहनने के लिए कहा था।

मेघालय पुलिस कर रही है जांच

मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की 23 मई को साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम के अलावा उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और कुशवाह के तीन दोस्तों-विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हत्याकांड के सबूत छिपाने और मिटाने के आरोप में रियल एस्टेट कारोबारी जेम्स समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय पुलिस मामले की जांच के लिए जेम्स को मध्यप्रदेश लेकर आई है।

11 मई को इंदौर में हुई थी शादी

राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है।उनकी सोनम से शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय के लिए रवाना हुए थे। मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की विस्तार से तहकीकात कर रहा है।

( BHASHA इनपुट के साथ )

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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