देहरादून : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में छात्रों से सीधा संवाद करने के लिए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितता भ्रष्टाचार, परीक्षा लीक आदि मुद्दों पर प्रमुखता से पर बात की। उन्होंने मंच से मोदी सरकार के तमाम कार्यों पर सवालिया निशान खड़े किए। इतना ही नहीं उन्होंने NSA अजीत डोभाल पर भी निशाना साधा। अब उनके कमेंट को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लाल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा अत्यंत निंदनीय है।
राहुल गांधी की छात्रों के गूंज कार्यक्रम पर सीएम धामी ने उठाए सवाल
अजीत डोभाल पर क्या बोले राहुल गांधी
दरअसल, राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए इशारा किया कि डोभाल 'इनफॉर्मल बातचीत' में यह बात कहते हैं कि अगर हिंदुस्तान को कंट्रोल करना है तो सिर्फ 500 लोगों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने ये भी आरोप लगाए कि देश के टेलीफोन, वॉट्सएप, फेसबुक और दूसरे कम्युनिकेशन माध्यमों पर डोभाल का नियंत्रण है और फोन टैपिंग कराई जाती है और ये सब मोदी सरकार के इशारे पर हो रहा है।
राहुल के इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने पलटवार किया है। जेपी नड्डा समेत अन्य नेताओं ने भाषा और एक्टिविटी को लेकर तंज कसा है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अजीत डोभाल के बारें में इस तरह की बात करना देश और उत्तराखंड के लोगों का अपमान है। धामी ने कहा कि राजनीतिक विरोध में कांग्रेस का स्तर इतना गिर चुका है कि देश की सुरक्षा और सेवा में दशकों समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति भी सम्मान नहीं बचा। राहुल गांधी की यह सोच उत्तराखंड और यहां की जनता के प्रति उनके नजरिए को भी उजागर करती है। देवभूमि अपने सपूतों का अपमान कभी स्वीकार नहीं करेगी।
‘झूठ की गूंज’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और देश का युवा कांग्रेस की इस नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। राहुल गांधी, याद रखिए, देवभूमि अपने सपूतों का सम्मान करना भी जानती है और उनका अपमान करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना भी।
