Pune News: पुणे को लोगों को गर्मी में पानी की परेशानी से निजात दिलाने के लिए मेट्रो परिवहन जल्द खास परियोजना शुरू कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की दिशा में एक और कदम उठाते हुए पुणे मेट्रो ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का फैसला किया है, जिसको लेकर काम भी शुरू कर दिया है, जो इसके खंभों और पुलों के माध्यम से गिरने वाले बारिश के पानी को रोकेगा। साथ ही साथ सभी मेट्रो स्टेशनों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
मेट्रो पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
इस पहल के बारे में बात करते हुए महाराष्ट्र मेट्रो के प्रबंध निदेशक, डॉ बृजेश दीक्षित ने कहा है कि पुणे मेट्रो पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। यह ध्यान में रखते हुए कि शहर में बड़ी संख्या में पेड़ हैं और पुणे का अधिकांश भाग घनी वनस्पतियों से कवर है। मेट्रो की ओर बारिश का पानी संचय करने की पहल की जाएगी।
ऐसे किया जाएगा पानी का संचय
ज्ञात हो कि मेट्रो के दो पिलर के बीच की दूरी 25-30 मीटर और चौड़ाई 2-2.25 मीटर होती है। पुणे मेट्रो वायाडक्ट आठ मीटर चौड़ा और 25 किमी लंबा होता है। अगर इतनी बड़ी जगह पर गिरने वाला बारिश का पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए से जमीन में जाता है, तो इससे जमीन में पानी के जल स्तर को काफी हद तक ऊपर उठाने में मदद करेगा। इसके लिए पुणे मेट्रो ने वायडक्ट के दो पिलर (वैकल्पिक पिलर) में गिरने वाले बारिश के पानी को रोकने के उपाय किए हैं।
किया जाएगा सौंदर्यीकरण का भी काम
डॉ बृजेश दीक्षित ने कहा है कि बारिश के पानी को डाउन टेक पाइप के माध्यम से सेटलिंग चेंबर में लाया जाएगा और फिटर और बोरवेल के माध्यम से मिट्टी में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पुणे मेट्रो ने भी डिवाइडर के बीच सौंदर्यीकरण का काम शुरू कर दिया है। पुणे मेट्रो ने अच्छी मिट्टी डालकर और झाड़ियां लगाकर जगह को सुंदर बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए मेट्रो ने टेंडर निकाले हैं। वनज स्टेशन से गरवारे स्टेशन और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम स्टेशन (पीसीएमसी) से हैरिस ब्रिज और सिविल कोर्ट स्टेशनों के बीच सौंदर्यीकरण का काम एक कंपनी को दिया गया है।
