महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कोल्हापुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (स्वायत्त) की ओर से 6G और वायरलेस नेटवर्क टेक्नोलॉजी पर GISFI मीटिंग और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। यह कार्यक्रम होटल सयाजी में आयोजित किया गया है, जहां NAAC अध्यक्ष व प्रोफेसर अनिल सहस्त्रबुद्धे और मुख्यातिथि प्रोफेसर रामजी प्रसाद ने प्रोग्राम का उद्घाटन किया। प्रोफेसर रामजी प्रसाद (चेयरमैन जिस्फी, अरहास यूनिवर्सिटी डेनमार्क) ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना आत्मनिर्भर भारत पर काम करने के लिए संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर दीप जलाते हुए अतिथिगण।
नई शिक्षा नीति और अधिक से अधिक छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे पहुंचाई जा सकती है...इस मसले पर प्रो.अनिल सहस्त्रबुद्धे ने अपने विचार रखे। छात्रों को चल रहे शैक्षिक कार्यक्रम "स्वयं" के बारे में भी जागरूक किया गया, जो एआईसीटीई, भारत सरकार और देश के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थानों का संयुक्त प्रयास है। उन्होंने इसके साथ ही 6जी और नई तकनीक का शिक्षा में अधिकतम उपयोग कैसे किया जा सकता है...इस पर भी अपनी राय रखी। बालमुरलीधर प्रसाद (चीफ साइंटिस्ट रोबोटिक्स टीसीएस बंगलौर) और अर्पण पाल (चीफ साइंटिस्ट एम्बेडेड डिवाइसेस टीसीएस बेंगलूर) इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।
तीन और चार अप्रैल, 2023 को जिसफी बैठक के तहत 6जी तकनीक और देश-विदेश में चल रहे शोध पर चर्चा हुई। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के तहत 42 नवप्रवर्तकों के शोधपत्र पेश किए जाएंगे और चयनित शोध पत्र अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के तहत प्रकाशित किए जाएंगे। यही नहीं, पांच अप्रैल को 'स्टार्टअप इकोसिस्टम इंडिया एंड ग्लोब' के तहत स्टार्टअप्स को छह अलग-अलग मेहमान गाइड करेंगे।
कार्यक्रम में दुनिया भर के नए शोधकर्ता, संकाय और छात्र उपस्थित थे, जबकि कई शोधकर्ताओं ने दूरस्थ संचार में भाग लिया। सम्मेलन में 100 शोध पत्रों में से 42 चयनित शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। केआईटी चीफ सुनील कुलकर्णी, उपाध्यक्ष साजिद हुडली, सचिव दीपक चौगुले, ट्रस्टी भरत पाटिल और प्रताप सिंह रावराणे, कार्यकारी निदेशक डॉ. विलास करजिनी और निदेशक मोहन वनरोटी से मार्गदर्शन प्राप्त किया। सम्मेलन के मुख्य आयोजक डॉ. महेश चव्हाण और डॉ. नितिन सांभरे ने समन्वयक के रूप में काम किया।
