अयोध्या : राम मंदिर में कथित वित्तीय अनिमियतताओं से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इससे दो दिन पहले मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने अयोध्या में राम मंदिर में कथित वित्तीय अनिमितताओं को लेकर जनता के बीच गुस्सा बढ़ने का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय
राय ने पार्टी के अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग इकाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर में दिये गये दान की ’लूट’ को लेकर जनता में गुस्सा है और संघ तथा भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोग सब कुछ देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी को भगवान राम के घर में की गई गलतियों के लिए सबक सिखाएगी। राय अयोध्या के राम मंदिर को दिये गये दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर उठे विवाद का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा को प्रधानमंत्री बचा रहे हैं। उन्हें और चंपत राय को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है और छोटी मछलियों को बेवजह फंसाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एसआईटी ने कुछ "कठोर" सिफारिशें की हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर "बहुत गंभीर" हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अधिकारी ने बताया कि नामजद लोगों में से ज्यादातर दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। उन्होंने बताया कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के बारे में कहा जाता है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वाहन चालक था। टिन्नू ने हालांकि पूर्व में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दान और चढ़ावे की रकम गिनने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया था और कहा था कि उससे जलने वाले कुछ लोग उसका नाम उछाल रहे हैं। हालांकि उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए थे।
लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा नामक आरोपी भी मंदिर में मिले दान की रकम और अन्य कीमती सामान की गिनती का काम करते थे। इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की थी। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
