Maha Kumbh Railway Helpline Number: संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होन रहा है। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 26 फवरी तक चलेगा। इस बीच आज यानी बुधवार 29 जनवरी को मौनी अमावस्या है। इस अवसर पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रयाग पहुंचे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि आज 8-10 करोड़ लोग महाकुम्भ स्नान करेंगे। इस बीच आज तड़के महाकुंभ क्षेत्र में भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है और बहुत से लोग घायल भी हुए हैं। महाकुम्भ स्नान के लिए प्रयागराज आ रहे हैं तो इससे जुड़ी जानकारी के लिए आप रेलवे की महाकुंभ हेल्पलाइन पर सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
महाकुम्भ के लिए रेलवे का हेल्पलाइन नंबर
देश और दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं बस, ट्रेन और हवाई मार्ग से यहां पर पहुंच रहे हैं। देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भारतीय रेलवे ने भी महा कुम्भ के लिए कई विशेष ट्रेनें चलाई हैं। भारतीय रेलवे ने करीब डेढ़ महीने चलने वाले महा कुम्भ के लिए पहले से ही एक टोल फ्री हेल्पलाइन जारी किया हुआ है। अगर आपको उस टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर के बारे में जानकारी नहीं है तो हम यहां दे रहे हैं।
महा कुम्भ के अमृत स्नान
महाकुम्भ के दौरान आज 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान है। इसके बाद 3 फरवरी को बसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी मूर्णिमा और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अमृत स्नान होगा।
रेलवे हेल्पलाइन नंबर
भारतीय रेलवे ने महा कुम्भ के दौरान पड़ने वाले सभी अमृत स्नानों के लिए प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के दबाव को झेलने के लिए भरपूर तैयारियां की हुई हैं। इसके बावजूद अगर आपको किसी तरह की परेशानी हो तो आप रेलवे के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके मदद ले सकते हैं। महा कुम्भ के लिए रेलवे का Toll Free Number 1800 4199 139 है।
स्टेशनों पर आराम की पूरी व्यवस्था
महाकुंभ में देश और दुनियाभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। रेलवे ने देश के लगभग हर हिस्से से प्रयागराज के लिए ट्रेनें चलाई हैं और यहां से यात्रियों के वापस जाने के लिए भी ट्रेनों की अच्छी व्यवस्था की है। प्रयागराज के सभी 9 स्टेशनों पर श्रद्धालुओं को कई तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें वेटिंग रूप और वेटिंग हॉल के अलावा स्लीपिंग पॉड्स की भी व्यवस्था की गई है। रिटायरिंग रूप या डॉरमेट्री के अलावा एग्जीक्यूटिव लाउंज भी इन स्टेशनों पर उपलब्ध हैं।
