Atiq Ahmad Murder Case : माफिया अतीक अहमद एवं उसके भाई अशरफ के तीन हत्यारे अभी पुलिस की गिरफ्त में ही रहेंगे। प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को तीनों हत्यारों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। हालांकि, एसआईटी ने 7 दिनों की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट ने 4 दिनों की ही मंजूरी दी। यूपी एटीएस बुधवार सुबह तीनों हमलावरों को कोर्ट में पेश किया। तीनों आरोपियों को प्रतापगढ़ जेल से यहां लाया गया।
14 दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी
इस हत्याकांड से पर्दा उठाने के लिए यूपी एटीएस ने कोर्ट से 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने हमलावरों को चार दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ करने की इजाजत दी है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किए जाने के समय कोर्ट परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे। शहर में भी सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए गए हैं।
15 अप्रैल को अस्पताल में अतीक-अशरफ की हुई हत्या
बता दें कि तीनों शूटर्स अरुण मौर्य, सनी सिंह और लवलेश तिवारी ने गत 15 अप्रैल की रात उस समय अतीक और अशरफ को गोलियों से छलनी कर दिया जब उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया था। अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए जब अस्पताल लाया जा रहा था तो वहां पर मीडिया लाइव कवरेज कर रहा था। अतीक और अशरफ पर हमले की घटना कैमरों में कैद हुई।
गहरी साजिश का नतीजा है यह हत्याकांड!
पुलिस ने तीनों हमलवारों को मौके पर गिरफ्तार किया। इसके बाद इन्हें प्रयागराज के नैनी जेल में रखा गया। फिर इनकी सुरक्षा को देखते हुए इन्हें नैनी जेल से प्रतापगढ़ की जिला जेल में शिफ्ट किया गया। आरोपियों का कहना है कि ये अतीक और अशरफ की हत्या कर अपना नाम कमाना चाहते थे। हालांकि, उनकी इन बातों पर पुलिस भरोसा नहीं कर रही है। हमलावरों ने इस हत्याकांड को जिस तरह से अंजाम दिया उससे गहरी साजिश की बू आ रही है। पुलिस कई एंगल से इस मामले की जांच में जुटी है। समझा जाता है कि चार दिनों की पूछताछ में तीनों आरोपी अहम सुराग दे सकते हैं।
