मेयर चुनाव से पहले एक बार फिर आम आदमी पार्टी को चंडीगढ़ में झटका लगा है। क्योंकि चंडीगढ़ की आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षद BJP में शामिल हो गई हैं, जिसके चलते मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल और भी तेज हो गई है। लेकिन इस बीच अभी कुछ और पार्षद के पार्टी छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। चंडीगढ़ में पार्षदों की कुल संख्या 35 है। पहले BJP के पास 16 और आम आदमी पार्टी के पास 13 पार्षद थे, छह पार्षद कांग्रेस के और सांसद का एक वोट कांग्रेस के पास सात वोट थे।
बीजेपी के पार्षदों की संख्या बढ़ी
आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों द्वारा BJP ज्वाइन करने के बाद BJP के पास पार्षदों की कुल संख्या 18 हो गई है और वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पास B ए पार्षदों की कुल संख्या 18 हो गई है। चंडीगढ़ में निगम चुनावों के अंदर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन हैं। आम आदमी पार्टी इसे लोकतंत्र की हत्या करार दे रही है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि BJP किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहती है 223 में अनिल मसीह ने जिस तरह BJP को जिताया था उसे यह बात स्पष्ट हो जाती है।
कांग्रेस ने दी आप को नसीहत
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को नसीहत दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को पहले ही सावधान कर दिया था कि अपने पार्षदों पर नजर रखो, लेकिन उन्होंने इसे सीरियस नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछला चुनाव हमने गठबंधन में लड़ा था, लेकिन आगे गठबंधन होगा या नहीं इस पर फैसला अभी नहीं हुआ है। क्योंकि अगर हमारे पास नंबर नहीं है तो फिर गठबंधन का कोई औचित्य नहीं है। वहीं आम आदमी पार्टी को छोड़कर आयी महिला पार्षद सुमन का कहना है कि ये उनकी घर वापसी है। वो पहले BJP में थी। उन्होंने कहा परिवार में मनमुटाव होता है लेकिन अब वो वापस आ गई है।
इस मुद्दे पर क्या कहा बीजेपी अध्यक्ष जितेंद्र पाल
चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा का कहना है कि आपको नई खबर मिलती रहेगी, अभी तो हम बहुत कुछ सुनाएंगे, बहुत खबरें देंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी क्या कह रही है, उस से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हम अपने आप से काम रखते हैं। हम तो आंकड़ों की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से सभी प्रभावित हैं।
भले ही BJP आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों को अपने साथ लाने में कामयाब हो गई हो लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो अभी भी दोनों के पास अठारह 18 पार्षद हैं लिहाजा BJP को अपना मेयर बनाने के लिए अभी एक और पार्षद की जरूरत है। हालांकि इस बार चुनाव सीक्रेट बैलेट से न होकर हाथ उठाकर करवाया जाएगा लिहाजा BJP के लिए ये जीत तभी संभव है या तो एक और पार्षद BJP में शामिल हो जायें या फिर मतदान के समय एक पार्षद गैर हाजिर हो।
