Wolf Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़ियों का आतंक जारी है, लेकिन ये भेड़िये सिर्फ यूपी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका आतंक अब बिहार के गया में भी दिखने लगा है। बहराइच की तरह ही गया के खिजरसराय थाना क्षेत्र के मकसूदपुर रानीगंज इलाके में भेड़िये का आतंक दिखा है। भेड़िये ने पिछले 10 दिनों में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। हालांकि, भेड़ियों के हमले में अब तक सिर्फ लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। कई लोगों को भेड़ियों ने काटकर बुरी तरह से घायल कर दिया है।
फाइल फोटो।
खौफ के साये में लोग
बता दें कि जब से इस इलाके में भेड़ियों का आतंक शुरू हुआ है, तब से लोग डर के साये में जीने के लिए मजबूर है। लोगों में दहशत है कि कहीं वह भेड़िये का शिकार न हो जाएं। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि हमला करने वाले जानवरों में सियार भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन जिस तरह से हमले हो रहे हैं, लोगों को भेड़िये के हमले का शक है।
कई लोगों पर हुए हमले
जानकारी के अनुसार, आज से सात दिन पहले एक महिला को कुछ जानवरों ने झुड बनाकर घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। जानवरों के हमले में महिला बुरी तरह से घायल हो गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसी तरह कई लोगों पर हमले हुए हैं। कहा जा रहा है कि मकसूदपुर किले में जानवरों का झुंड रहता है। वही झुंड लोगों को अपना शिकार बना रहा है। पहले वह बकरी या किसी अन्य जानवर को ढूंढते हैं, लेकिन जब कोई जानवर नहीं मिलता है, तब वह लोगों पर हमले कर देते हैं।
वन विभाग की टीम सक्रिय
इलाके में दहशत का माहौल किस कदर छाया है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि शाम के बाद जब भी कोई घर से बाहर निकलता है, अपनी सुरक्षा के लिए वह अपने पास लाठी रखता है। लोगों पर हो रहे हमले की सूचना वन विभाग की टीम को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम आदमखोर जानवरों को पकड़ने के लिए जगह-जगह पिंजरे लगाई है, लेकिन अब तक कोई जानवर हाथ नहीं आ सका है।
खंडहर बना आदमखोर का ठिकाना
बता दें कि मकसूदपुर किला, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है, वह इन जानवरों का गढ़ बन चुका है। जानवरों ने इसे अपना बसेरा बना लिया है। इस किले के आस पास लोगों की गतिविधि कम रहती है, जिस वजह से जानवर यहां आराम से रह रहा है। इससे पहले कई बार इस तरह की जंगली जानवर लोगों के घरों में भी घुस चुका है।
