सुपौल लोकसभा, बिहार लोकसभा चुनाव 2024: मतदान की तारीख, Key Candidates और रिजल्ट

लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में बिहार की पांच लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। इन पांच लोकसभा सीटों में से एक सुपौल भी है। चलिए जानते हैं सुपौल में अब तक किस पार्टी का दबदबा रहा है। यहां पर मतदान कब होगा, यहां के प्रमुख उम्मीदवार कौन हैं और चुनाव का परिणाम कब घोषित होगा।

सुपौल : लोकसभा चुनाव 2024 (Loksabha Election 2024) का कारवां तीसरे चरण तक पहुंच गया है। बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं, जिसमें से सुपौल भी एक है। सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव में बिहार (Bihar) ऐसा राज्य है, जिसमें सभी चरणों में मतदान होगा। परिसीमन के बाद साल 2008 में अस्तित्व में आई सुपौल लोकसभा सीट (Supaul Loksabha Constituency) पर पहली बार साल 2009 में चुनाव हुआ था। अब तक 2009, 2014 और 2019 में यहां लोकसभा चुनाव हुए हैं। दो बार साल 2009 और 2019 में यहां बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड को जीत मिली है, जबकि 2014 में कांग्रेस उम्मीदवार सुपौल सी विजयी रहे थे। तीन में से दो चुनाव में JDU को जीत मिली है और एक में कांग्रेस (Congress) विजयी रही है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि सुपौल लोकसभा सीट पर किसी पार्टी का दबदबा है।

Supaul Loksabha Constituency.

सुपौल लोकसभा क्षेत्र

कुल 2425 स्क्वायर किलोमीटर में फैले सुपौल में कुल 11 ब्लॉक हैं। 20 पुलिस थाने, 556 गांव और 181 ग्राम पंचायतें यहां पर हैं। सुपौल की कुल जनसंख्या 22 लाख, 29 हजार, 76 है। सुपौल संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज और छातापुर, सुपौल जिले में हैं और सिंघेश्वर विधानसभा सीट मधेपुरा जिले के अंतर्गत आती है। बता दें कि सुप्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) और स्वर्गीय पंडित ललित नारायण मिश्र (Pandit Lalit Narayan Mishra) इसी क्षेत्र से आते हैं। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह (RK Singh), शहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) और मशहूर सिंगर उदित नारायण (Udit Narayan) का संबंध भी सुपौल से है। प्राचीन काल में सुपौल, मिथिला राज्य का हिस्सा था। बाद के दिनों में मगध और मुगल शासकों ने भी यहां राज किया। सुपौल को 1991 में सहरसा जिले से अलग जिला बनाया गया था।

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