Patna News: पटना में हवा की गुणवत्ता दिनोंदिन बेहद खराब होती जा रही है। सूबे के सबसे प्रदूषित शहरों में पटना शामिल है। पटना का गुरुवार का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 369 है। जबकि बुधवार को यह 395 दर्ज किया गया था। शहर में सबसे अधिक प्रदूषित हवा राजा बाजार इलाके की है। यहां का एक्यूआई आज 452 है। बुधवार को एक्यूआई लेवल 444 रिकॉर्ड हुआ था। इसके बाद तारामंडल क्षेत्र का एक्यूआई 399, ईको पार्क क्षेत्र का 382, पटना सिटी का 361, गांधी मैदान का 379 और दानापुर इलाके का 385 रहा है।
पटना में इस तरह बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मास्क पहनकर निकलें बाहर
डॉक्टर्स का कहना है कि वायु प्रदूषण से राहत के लिए मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें। हवा में कार्बन मोनो ऑक्साइड बढ़ने के कारण पीएम 2.5 लेवल बढ़ गया है, जिससे आंखों में जलन महसूस होती है। पीएम 2.5 लेवल बढ़ने से दमा, एलर्जी, हृदय समेत अन्य रोगों के मरीजों को ज्यादा नुकसान पहुंचता है।
बचाव कार्य नहीं होने पर 450 पहुंच सकता है एक्यूआई
वायु प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर धूल-कण की सफाई और वाहनों के परिचालन में कमी नहीं हुई तो आने वाले समय में शहर का एक्यूआई लेवल 450 तक पहुंच सकता है। फॉग के कारण सड़क पर उड़ने वाले धूल-कण और वाहनों से निकलने वाला धुआं धरातल से 150-200 फीट पर ही घूम रहा है। फिलहाल शादी-विवाह का सीजन है। ऐसे में पटाखे फोड़े जाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा अधिक बढ़ी हुई है।
तेज हवा या बारिश से ही मिल सकती है राहत
फिलहाल शहर को खराब हवा से निजात दिलाने के लिए तेज हवा चलने या बारिश होने का इंतजार करना होगा। तेज हवा चलने पर धरातल से कुछ ही दूरी पर जमे धूल-कण उड़ जाएंगे। वहीं, बारिश होने पर भी बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि अभी इन दोनों का कोई पूर्वानुमान नहीं है। ऐसे में नगर निगम के स्तर पर किए जा रहे बचाव कार्यों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। निगम द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी की फॉगिंग कराई जा रही है। सड़कों से धूल-कण उठाए जा रहे हैं। पेड़-पौधों पर जमी धूल को पानी से हटाया जा रहा है
