बिहार के छपरा के डोरीगंज में 6 साल पहले दर्ज हुए दहेज हत्या मामले पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में बिहार पुलिस ने मृत युवती को छह साल बाद पटना से जिंदा बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि युवती के तीन बच्चे हैं और वह एक अन्य पुरुष के साथ रह रही है। यह मामला दहेज कानून के दुरुपयोग को दर्शाता है। इस मामले में महिला के परिजनों ने पति के पक्ष के लोगों पर दहेज मांगने और बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन आज उनकी बेटी पटना में जिंदा घूम रही है और अपने दूसरे परिवार के साथ खुशी से रह रही है
दहेज हत्या मामले में मृत लड़की 6 साल बाद जिंदा घूमती दिखी (फोटो - Canva)
थानाध्यक्ष दिलीप कुमार की मानें तो यह मामला 2019 का है, जब भेल्दी थाना क्षेत्र के सिरसाबली निवासी तेरस साह ने अपनी पुत्री की हत्या का को लेकर छपरा न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में तेरस साह ने उनकी बेटी के पति सोनू कुमार और उसके परिवार के 12 अन्य लोगों दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन हैरान कर देने वाली बात ये है कि मामले दर्ज होने के 6 साल बाद पुलिस ने जांच में युवती को पटना जिले के केबड़ा, पुनपुन ओपी से जिंदा बरामद किया। पुलिस ने तुरंत लड़की को छपरा न्यायालय में 164 के बयान के लिए भेजा गया। ताकि परिवार पर लगाए इल्जाम गलत साबित हो सके और मामले के खुलासा हो पाए।
थानाध्यक्ष दिलीप कुमार ने बताया कि युवती के तीन बच्चे हैं और वह वर्तमान समय में किसी दूसरे लड़के के साथ शादी करके अपना जीवन व्यतीत कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने लड़की के परिजनों के दबाव के बाद भी लड़के पक्ष को गिरफ्तार नहीं किया था। यही कारण था कि आज के समय में निर्दोष साबित हुआ परिवार जेल जाने से बच गए।
लेकिन सवाल ये है कि यह मामला दहेज प्रथा और उसके कानूनों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठता है। इतना ही नहीं पुलिस की जांच की प्रक्रिया को लेकर भी कई बातें सामने आती है। इस मामले को गलत साबित होने में 6 साल का समय लगा है।
