Bihar Ka Mausam (बिहार में आज का मौसम कैसा रहेगा) 4-July-2025: बिहार में मानसून पूरी तेजी से बरस रहा है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। इससे जहां तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है, वहीं जलभराव और वज्रपात जैसी घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। बाढ़ को लेकर चिंताएं भी दिखने लगी हैं। मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को राज्य के कई जिलों के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बिहार में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
बारिश से गिरा पारा
गुरुवार को बिहार के दक्षिण-पूर्व, उत्तर और दक्षिण-मध्य क्षेत्रों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश बांका के कटोरिया में 41.2 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि भागलपुर, पटना, खगड़िया, और मुजफ्फरपुर के कुछ इलाकों में 20 से 30 मिमी के बीच बारिश हुई। प्रदेश में कल सबसे अधिक पारा गोपालगंज का रहा, जो 38 डिग्री सेल्सियस था, जबकि समस्तीपुर के पूसा में तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम था।
कैसा रहेगा आज का मौसम
बिहार में लगभग सभी जिलों में आज बारिश-आंधी के साथ ठनके की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है। कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के एक या दो जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। राजधानी पटना में आज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां आज एक दो खेप बौछारें देखी जा सकती हैं।
अगले दो दिनों तक रहें सतर्क
शुक्रवार को कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, ठनका और जलभराव की आशंका जताई गई है। बढ़ते पानी से बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। लोगों को जलजमाव वाली जगहों और खुले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार,शनिवार को जमुई, नवादा और गया में गरज-चमक और भारी वर्षा हो सकती है। रविवार यानी 6 जुलाई को भी दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिहार में क्यों बदली मानसून की चाल
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून की ट्रफ रेखा इस समय बीकानेर, शिवपुरी, खजुराहो, डाल्टनगंज और दीघा से होती हुई बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर ओडिशा और गंगा-पश्चिम बंगाल क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जिससे नमी से भरी हवाएं बिहार की ओर बढ़ रही हैं। इस कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
किसानों के लिए सुझाव है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और इसके अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
