Padma Award 2025: केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25, जनवरी, 2025 को पद्म पुरस्कार 2025 के विजेताओं का ऐलान कर दिया है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री. भीमसिंह भावेश, डॉक्टर नीरजा भटला, एथलीट हरविंदर सिंह को पदम पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महान काम करने वालों को दिया जाता है।
भीम सिंह भावेश को पद्म पुरस्कार
भीम सिंह भवेश को पद्म पुरस्कार
इनमें से बिहार के भोजपुर जिले के निवासी समाजिक कार्यकर्ता भीम सिंह भवेश समाज के सबसे निचले पायदन पर रहने वाले मुसहर जाति के लिए काम करते हैं। उन्हें शिक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूक कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में उन तक जानकारियां पहुंचाते हैं। उन्हें उनके आर्थिक और सामाजिक उत्थान की बात समझाते हैं.
कौन हैं भीम सिंह भवेश?
पीएम मोदी ने मन की बात में मुसहर जाति का जिक्र किया तो उन्होंने आरा के भीम सिंह भवेश का नाम भी लिया था। पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी भीम सिंह भवेश के कामों की सराहना की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीम सिंह भवेश मुसहर समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। भीम सिंह भवेश 2003 में आरा के जवाहर टोला स्थित एक मुसहर टोली में रिपोर्टिंग के दौरान वहां कि स्थिति और दुर्दशा देखकर उन्होंने मुसहर समाज की सेवा और उत्थान के लिए काम करने का प्रण लिया।
दरअसल बिहार में मुसहर जाति हमेशा से हाशिये पर रही है। इस जाति का पिछड़ापन इनकी दुर्दशा की सबसे बड़ी वजह है। यही कारण है कि मुसहर समुदाय को अब तक बिहार में वो पहचान नहीं मिल पाई है, जिसके वो हकदार हैं, लेकिन भीम सिंह भवेश इस समुदाय के लिए बड़ी लड़ाई लड़ रहे है।
