बिहार की राजनीति में एक बार फिर से गंभीर आरोपों और कानूनी लड़ाइयों का दौर शुरू हो गया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के सचिवालय थाने में अपनी हत्या की साजिश रचने की शिकायत दर्ज कराने के बाद, राजद (RJD) छात्र विंग के पूर्व अध्यक्ष आकाश यादव ने उन पर तीखा पलटवार किया है। आकाश यादव ने तेज प्रताप के आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए न सिर्फ मानहानि का केस करने की बात कही है, बल्कि पूरे मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के सामने ले जाने का ऐलान भी कर दिया है।
तेज प्रताप यादव की शिकायत पर आकाश यादव का पलटवार
सचिवालय थाने के CCTV फुटेज सामने लाने की मांग
पटना में प्रेस वार्ता के दौरान आकाश यादव ने बिहार सरकार और प्रशासन से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की। उन्होंने कहा मैं बिहार सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग करता हूं कि तेज प्रताप यादव जिस डर के माहौल का दावा करते हुए रात को सचिवालय थाना पहुंचे थे, उसकी अविलंब जांच हो। पुलिस तुरंत सीसीटीवी फुटेज निकाले और सच्चाई मीडिया के सामने रखे। हम इस झूठ के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे और लीगल नोटिस भेजेंगे।" आकाश यादव ने उलटा आरोप लगाया कि तेज प्रताप के लोगों ने जबरदस्ती उनके घर में घुसने का प्रयास किया और उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियां दिलवाई गईं।
महिला आयोग जाएगी टीम, राबड़ी देवी पर साधा निशाना
तेज प्रताप द्वारा आकाश यादव के परिवार पर लगाए गए पैसों की मांग के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि उनके परिवार का जानबूझकर चरित्र हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव के नेतृत्व में एक टीम राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से संवाद करेगी और अपनी पीड़ा सामने रखकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगी। लालू परिवार पर सीधा हमला बोलते हुए आकाश यादव ने कहा "तेज प्रताप कहते हैं कि उनकी माता जी से हमारे परिवार ने पैसे मांगे। इसका वे प्रमाण दें। लेकिन दुनिया जानती है कि उनकी माता जी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नौकरी के नाम पर लोगों से जमीनें लिखवाई हैं, जिसका मामला अदालत में चल रहा है और उनके भाई-बहन भी उसमें नामजद हैं।"
CBI के पास पहुंचेगा चुनावी फंडिंग का मामला
आकाश यादव ने कहा कि तेज प्रताप यादव दावा करते हैं कि वे मेरा खर्च चलाते हैं, तो वे बताएं कि वे किस हैसियत से ऐसा करते हैं? उन्होंने घोषणा की कि वे सोमवार या मंगलवार को दिल्ली जा रहे हैं, जहां वे CBI के समक्ष एक औपचारिक पत्र सौंपेंगे।
वे मांग करेंगे कि साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की पूरी फंडिंग और तेज प्रताप यादव के पास आए करोड़ों रुपयों के स्रोत की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि तेज प्रताप यादव के पास ये करोड़ों रुपये कहां से हल जोतकर या खेती करके आए हैं, इसका हिसाब अब उन्हें कानून और मीडिया के सामने देना होगा। आकाश यादव ने साफ किया कि उन्होंने गलतियां माफ की हैं, लेकिन इस बार तेज प्रताप ने जो 'पाप और अपराध' किया है, उसकी सजा उन्हें न्यायालय के जरिए जरूर मिलेगी।
